आपके बच्चों के पैर में चप्पल और शरीर पर कपड़ा नहीं है, लेकिन आपको चिंता राम मंदिर की है: प्रशांत किशोर
आपके बच्चों के पैर में चप्पल और शरीर पर कपड़ा नहीं है, लेकिन आपको चिंता राम मंदिर की है: प्रशांत किशोर
जन सुराज पदयात्रा के दौरान वैशाली में जन सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि पदयात्रा के दौरान जो बच्चे हमको मिल रहे हैं उन बच्चों के शरीर पर कपड़ा नहीं है, पैरों में चप्पल नहीं है। आपका बच्चा पढ़ने जाता है तो वो वहाँ पिलुआ वाली खिचड़ी खा कर वापस आ रहा है। आपका बच्चा पढ़ लिखकर घर में बेरोजगार बैठा है। लेकिन आपको उसकी चिंता नहीं है, आपको चिंता है राम मंदिर की, आपको चिंता है भारत-पाकिस्तान का तो बिहार की दशा सुधरेगी कैसे? बिहार को सुधारने के लिए एक प्रशांत किशोर की जगह 10 प्रशांत किशोर आ जाएं तो भी बिहार नहीं सुधर सकता है। जब तक आप अपने बच्चों के लिए नहीं खड़े होंगे तब तक कोई बिहार को नहीं सुधार सकता है। यही समझाने आए हैं कि आपका और मेरा जीवन आधे से ज्यादा तो बीत गया है। अब कम से कम अपने बच्चों के लिए वोट दीजिए और बच्चों की पढ़ाई और रोजगार पर वोट दीजिए नहीं तो आपके बच्चों का भविष्य नहीं सुधरेगा।


Aankhen 




