मुंबई में भी गांव की याद आती है, यहां आकर मिलती है खुशी: गुरमीत
अभिनेता गुरमीत चौधरी ने कश्मीर में बिहार के लोगों की हाल में हुई हत्या की कड़ी निंदा की है। भागलपुर जिले में अपने गांव जयरामपुर आए गुरमीत ने कहा, बिहार के लोग कश्मीर में रोजी-रोटी के लिए जरूर जाते हैं, मगर यह नहीं भूलना चाहिए कि वो कश्मीर की सेवा भी करते हैं। कश्मीर ही नहीं देश के दूसरे राज्यों में भी बड़ी संख्या में बिहार के लोग रह रहे हैं। ये सभी उन प्रांतों की सेवा कर रहे हैं। इनके साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। किसी को मार देना इंसानियत नहीं है। इससे किसी को कुछ भी हासिल नहीं होना।गुरमीत ने खासतौर से कहा कि बिहार तेजी से विकास कर रहा है। यहां प्रगति दिखती है। राज्य के लोग यहीं काम करें। इससे अपनी तरक्की भी होगी और राज्य कभी तरक्की होगी। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी देबिना बंगाल से हैं। यहां की अच्छी सड़कें देखकर इनको भी बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे भी एक बिहारी होने के नाते अपने राज्य में सड़कों या अन्य चीजों पर गर्व होता है। यही कारण है कि जब भी अपने गांव की याद आती है, यहां आ जाता हूं। यहां जो प्यार मिलता है उसमें अपनापन होता है।







