पाकिस्तान को IMF के कर्ज पर अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई मोदी सरकार, कांग्रेस के आरोप में कितनी है सच्चाई?

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अब  पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर से अधिक के ऋण को मंजूरी देने के लिए आईएमएफ की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पता चला है कि केवल भारत ने ही 9 मई को इस प्रस्ताव से संबंधित मतदान में भाग नहीं लिया और बाद में मोदी सरकार के समर्थकों ने तर्क दिया कि भारत के पास यही एकमात्र विकल्प उपलब्ध था।

पाकिस्तान को IMF के कर्ज पर अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई मोदी सरकार, कांग्रेस के आरोप में कितनी है सच्चाई?
Jairam Ramesh

 कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा पाकिस्तान को कर्ज दिए जाने के मामले में अमेरिका के दबाव के आगे झुक गई और विरोध में मतदान नहीं किया। भारत ने पाकिस्तान को कर्ज दिये जाने का विरोध करते हुए आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड की बैठक में मतदान से दूरी बनाई थी।

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अब  पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर से अधिक के ऋण को मंजूरी देने के लिए आईएमएफ की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पता चला है कि केवल भारत ने ही 9 मई को इस प्रस्ताव से संबंधित मतदान में भाग नहीं लिया और बाद में मोदी सरकार के समर्थकों ने तर्क दिया कि भारत के पास यही एकमात्र विकल्प उपलब्ध था।

उन्होंने कहा कि यह गलत दावा है क्योंकि कार्यकारी बोर्ड में वास्तव में नहीं वोट करने का प्रावधान है। रूस ने सितंबर 2016 में यूक्रेन को ऋण प्रस्ताव पर नहीं वोट दिया था और भारत ने खुद 11 सितंबर 2005 को जिम्बाब्वे के निष्कासन के मुद्दे पर नहीं वोट दिया था।

रमेश ने कहा, जहां चाह होती है वहां राह निकल ही आती है। मोदी सरकार 9 मई को आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड की बैठक में अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मोदी सरकार के जागने से पहले ही उसे 29 अप्रैल को आगाह किया था कि आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड इस मुद्दे पर विचार करने के लिए 9 मई को बैठक कर रहा है और भारत को इसका जोरदार विरोध करना चाहिए।