अनिल अंबानी के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई: RCOM दफ्तरों और ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने मुंबई में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी RCOM से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। इससे पहले SBI ने उनके अकाउंट को फ्रॉड घोषित किया था और ED ने 17,000 करोड़ के लोन घोटाले में पूछताछ की थी। जानिए पूरा मामला।

अनिल अंबानी के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई: RCOM दफ्तरों और ठिकानों पर छापेमारी
Anil Ambani

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और अनिल अंबानी से जुड़े ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई उस समय हुई जब कुछ ही हफ्ते पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में घंटों तक पूछताछ के लिए बुलाया था।

CBI ने 6 ठिकानों पर मारी रेड
सूत्रों के अनुसार, CBI ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी RCOM से जुड़े 6 ठिकानों पर रेड मारी है। जांच एजेंसी ने यह कदम बैंक फ्रॉड के केस दर्ज होने के बाद उठाया। आरोप है कि कंपनी की वजह से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को 2000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस ऑपरेशन के तहत CBI की टीमें मुंबई में कई लोकेशनों पर तलाशी ले रही हैं।

SBI ने अकाउंट को फ्रॉड घोषित किया था
गौरतलब है कि 13 जून 2025 को SBI ने अनिल अंबानी समूह के खाते को “फ्रॉड” की श्रेणी में डाल दिया था। यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट गाइडलाइन्स और बैंक की बोर्ड-स्वीकृत पॉलिसी के तहत लिया गया। इसके बाद 24 जून 2025 को बैंक ने इस मामले को RBI को रिपोर्ट किया और CBI में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। अब CBI ने औपचारिक केस दर्ज कर लिया है और छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी है।

ईडी पहले ही कर चुकी है पूछताछ
कुछ दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी से नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में पूछताछ की थी। यह पूछताछ 17,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले से जुड़ी थी। ईडी ने उनसे कई अहम सवाल पूछे थे—जैसे कि क्या लोन की राशि शेल कंपनियों को ट्रांसफर की गई, क्या पैसा राजनीतिक दलों तक पहुंचा, और क्या किसी अधिकारी को रिश्वत दी गई। पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें फिर से तलब करने का नोटिस भेजा था।

संसद में भी उठा था मामला
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बीते महीने लोकसभा में इस मुद्दे पर लिखित जवाब देते हुए बताया था कि बैंक ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट RBI को सौंप दी है और CBI में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब CBI ने आधिकारिक रूप से केस दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है।