बिहार में SIR पर बोले जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव: 'क्या गलत सूची से बना हूं सांसद?' पार्टी ने भेजा नोटिस

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव ने उठाए सवाल। पार्टी ने भेजा कारण बताओ नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब। पढ़ें पूरी जानकारी।

बिहार में SIR पर बोले जेडीयू सांसद गिरिधारी यादव: 'क्या गलत सूची से बना हूं सांसद?' पार्टी ने भेजा नोटिस
JDU MP Giridhari Yadav

2025 के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया है। इस पर जहां विपक्ष ने इसे "चुनावी धांधली की तैयारी" कहा है, वहीं अब सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड) के ही सांसद गिरिधारी यादव ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

सांसद गिरिधारी यादव का विवादित बयान
मधेपुरा से सांसद गिरिधारी यादव ने मीडिया से कहा, अगर लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची सही थी तो अब विधानसभा चुनाव के लिए वही सूची गलत कैसे हो सकती है? क्या मैं गलत सूची के आधार पर सांसद चुना गया हूं? अगर ऐसा है तो पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इतने व्यापक पुनरीक्षण के लिए कम से कम 6 महीने का समय होना चाहिए था।

पार्टी की नाराजगी: नोटिस भेजा गया
24 जुलाई, 2025 को जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान की ओर से गिरिधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में कहा गया, ... आपकी सार्वजनिक टिप्पणियों से न केवल पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है, बल्कि विपक्ष के निराधार आरोपों को भी मजबूती मिली है...

यह भी जोड़ा गया कि जनता दल (यूनाइटेड) ने हमेशा ईसीआई (ECI) और ईवीएम (EVM) के उपयोग का समर्थन किया है, चाहे हम INDIA गठबंधन में रहे हों या अब एनडीए (NDA) का हिस्सा हों।

15 दिन की डेडलाइन: वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई
नोटिस में सांसद को 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। अगर जवाब नहीं आता या संतोषजनक नहीं होता, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

राजनीतिक असर: विपक्ष को मिला नया हथियार
गिरिधारी यादव के बयान से विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। वे इसे सत्तारूढ़ दल के भीतर मतभेद और चुनाव आयोग पर भरोसे की कमी के रूप में पेश कर रहे हैं।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि: क्या गिरिधारी यादव स्पष्टीकरण देंगे? पार्टी उनके खिलाफ क्या कदम उठाएगी? क्या इससे NDA में दरार पड़ती दिखेगी?