बिहार वोटर लिस्ट 2025 का ड्राफ्ट जारी, घर बैठे ऑनलाइन चेक करें – नाम न हो तो तुरंत करें दावा
बिहार में चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के तहत संशोधित वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। 65 लाख नाम ड्राफ्ट से गायब हैं। विपक्ष ने इसे NRC की चाल बताकर संसद में विरोध किया। जानें पूरा मामला।
बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त को संशोधित मतदाता सूची का ड्राफ्ट (Revised Voter List Draft) जारी कर दिया है।
राज्य के 38 जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को डिजिटल और फिजिकल कॉपी प्रदान कर दी है। यह ड्राफ्ट अब आम लोगों के लिए भी https://voters.eci.gov.in पर उपलब्ध है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- 7.89 करोड़ में से 7.24 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची में शामिल
- लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर
- अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी
कब और कैसे करें दावा/आपत्ति?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बताया कि 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक मतदाता फॉर्म 6 के जरिए अपना नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार करवाने के लिए दावा/आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए 243 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (EROs) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कौन हो सकता है नया मतदाता?
ECI ने उन युवाओं को फॉर्म 6 भरने की अपील की है जो:
- 1 जुलाई, 2025 तक 18 वर्ष के हो चुके हैं या
- 1 अक्टूबर, 2025 तक 18 वर्ष पूरे कर लेंगे
उन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विवाद: SIR को लेकर सियासी घमासान
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने संसद में जोरदार विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह पिछले दरवाजे से लाया गया NRC है, जो लोकतंत्र पर हमला है।
विपक्ष का विरोध:
- इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने लोकसभा परिसर में प्रदर्शन किया
- प्रियंका गांधी, मीसा भारती, ए. राजा जैसे नेता हुए शामिल
प्रदर्शन में प्लेकार्ड्स: "SIR लोकतंत्र पर वार", "Save Voter Rights"
चुनाव आयोग की सफाई
आयोग का कहना है कि नाम हटाए जाने के प्रमुख कारण हैं:
- मतदाता की मृत्यु
- स्थायी रूप से स्थानांतरित होना
- एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होना
साथ ही आयोग ने यह भी कहा कि यह SIR प्रक्रिया बिहार से शुरू होकर पूरे देश में लागू की जाएगी।


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