Delhi Blast 2025: महिला डॉक्टर निकली जैश-ए-मोहम्मद की मास्टरमाइंड, दो साल से रची जा रही थी आतंकी साजिश
दिल्ली ब्लास्ट 2025 में बड़ा खुलासा — डॉक्टर शाहीन शाहिद निकली जैश-ए-मोहम्मद की महिला आतंकी कमांडर। दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रही थी और दिल्ली में हमले की साजिश रच रही थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट जिसमें CCTV फुटेज से लेकर फरीदाबाद यूनिवर्सिटी छापेमारी तक के सभी अपडेट हैं।
देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम दहल उठी जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण ब्लास्ट में 10 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए। धमाके की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी, जिससे आसपास का इलाका अफरातफरी में बदल गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और इलाके को घेर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह एक योजना बद्ध आतंकी हमला था।
डॉक्टर निकली आतंकी नेटवर्क की 'मास्टरमाइंड'
इस हमले के सिलसिले में जांच एजेंसियों ने जिस नाम का खुलासा किया है, उसने सबको चौंका दिया है। डॉ. शाहीन शाहिद, जो पेशे से डॉक्टर है, वही निकली जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला कमांडर। सूत्रों के अनुसार, शाहीन पिछले दो साल से भारत में विस्फोटक इकट्ठा कर रही थी। पूछताछ में उसने कबूल किया है कि वह और उसके साथी डॉक्टर, भारत में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे।
ब्लास्ट से पहले ही हुई थी गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों ने धमाके से पहले ही शाहीन शाहिद को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान उसने कई अहम जानकारियां दीं, जिनके बाद देश के कई हिस्सों में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। एजेंसी को शक है कि शाहीन के नेटवर्क में कई स्लीपर सेल (Sleeper Cells) सक्रिय हैं जो दिल्ली, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में फैले हुए हैं।
शाहीन के कबूलनामे से हिलीं एजेंसियां
पूछताछ में शाहीन ने बताया कि जब भी उसकी मुलाकात डॉ. उमर से होती, वह कहता था कि देशभर में कई धमाके करने हैं। शाहीन, उमर, मुजम्मिल और आदिल — ये चारों मिलकर पिछले दो साल से अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे।
इनकी पूरी गतिविधि जैश-ए-मोहम्मद के निर्देश पर चल रही थी। एजेंसियों को शक है कि यह सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला आतंकी मॉड्यूल है।
CCTV फुटेज में मिला अहम सुराग
ब्लास्ट के ठीक बाद CCTV फुटेज में एक सफेद i20 कार दिखाई दी, जो लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 से निकल रही थी। कार में काला मास्क पहने एक युवक बैठा दिखा, जिसे एजेंसियां कश्मीर निवासी उमर नबी मान रही हैं। यह फुटेज इस मामले की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है, जिसके जरिए एजेंसी हमले के अन्य जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी हुई बड़ी कार्रवाई
ब्लास्ट के बाद जांच का दायरा दिल्ली से निकलकर फरीदाबाद तक पहुंच गया है। यहां स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छापेमारी के दौरान 7 डॉक्टरों समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कई लोगों के तार शाहीन शाहिद और उसके नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। फिलहाल इनसे NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ कर रही है।
आतंक की नई चुनौती
यह पूरा मामला भारत में आतंकी संगठनों के नए और खतरनाक ट्रेंड को दिखाता है — जहां शिक्षित और प्रोफेशनल लोग, जैसे डॉक्टर और इंजीनियर, आतंकी संगठनों के लिए काम करने लगे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि शाहीन शाहिद और उसके साथियों को फंडिंग कहां से मिल रही थी और देश के भीतर उनका नेटवर्क कितना फैला हुआ है।


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