दिल्ली ब्लास्ट साजिश का बड़ा खुलासा: जनवरी से चल रही थी ‘Delhi Attack 2025’ की प्लानिंग, 200 IED से हिलाने की थी साजिश!

दिल्ली के लालकिले धमाके की जांच में सनसनीखेज खुलासा। आतंकी मॉड्यूल जनवरी 2025 से सक्रिय था। योजना थी 26/11 जैसी बड़ी वारदात की। लालकिला, इंडिया गेट, धार्मिक स्थलों और मॉल्स को निशाना बनाया जाना था। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

दिल्ली ब्लास्ट साजिश का बड़ा खुलासा: जनवरी से चल रही थी ‘Delhi Attack 2025’ की प्लानिंग, 200 IED से हिलाने की थी साजिश!

दिल्ली के लालकिले के पास 10 नवंबर की शाम हुए धमाके की जांच ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को हिला दिया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि जनवरी 2025 से तैयार हो रही एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों का मकसद मुंबई के 26/11 हमले जैसी भयावह वारदात को दोहराना था।

जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि लालकिला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, गौरी शंकर मंदिर, प्रमुख रेलवे स्टेशन और बड़े शॉपिंग मॉल्स आतंकियों के निशाने पर थे। ये सभी स्थान ऐसे हैं जहां रोजाना हजारों की भीड़ होती है — यानी योजना का मकसद था ज्यादा से ज्यादा जनहानि और दहशत फैलाना।

एक साथ 200 से ज्यादा IED ब्लास्ट का ब्लूप्रिंट तैयार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बताया कि मॉड्यूल ने 200 से अधिक शक्तिशाली IED तैयार करने की योजना बनाई थी। इन विस्फोटकों को एक साथ दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के हाई-प्रोफाइल इलाकों में विस्फोट करने की तैयारी थी। इस प्लान को “Operation Black Storm” नाम दिया गया था, जिससे एक ही समय में कई जगहों पर धमाके कर पूरे NCR को दहला दिया जाए।

धार्मिक स्थलों पर हमले से भड़काना था सांप्रदायिक तनाव
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि आतंकियों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ दहशत फैलाना नहीं था, बल्कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक हिंसा भड़काना था। उनके टारगेट में खासतौर पर मंदिर और मस्जिद के आसपास के क्षेत्र शामिल थे, ताकि देशभर में अशांति फैलाई जा सके।

‘White Collar’ आतंक: डॉक्टरों के वेश में बन गया नेटवर्क
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस आतंकी नेटवर्क की रीढ़ बने थे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग से जुड़े कुछ कट्टरपंथी डॉक्टर। इन लोगों ने अपने “White Collar Cover” का फायदा उठाते हुए दिल्ली-एनसीआर में नेटवर्क बनाया। डॉक्टर होने की वजह से उन पर कभी शक नहीं हुआ और वे आसानी से विभिन्न अस्पतालों, क्लीनिकों और किराए के मकानों में आते-जाते रहे।

धौज और फतेहपुर तगा में छिपे थे विस्फोटक
जांच एजेंसियों को पता चला है कि आतंकियों ने धौज और फतेहपुर तगा इलाके में कुछ कमरे किराए पर लेकर वहां विस्फोटक और डेटोनेटर छिपा रखे थे। बताया जा रहा है कि इन जगहों से पुलिस को ऐसे कई उपकरण मिले हैं जो IED तैयार करने में उपयोग होते हैं।

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
लालकिला धमाके के बाद दिल्ली और एनसीआर के सभी प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अब CCTV फुटेज और मोबाइल नेटवर्क की निगरानी के जरिए इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी अब इस मामले की कमान संभालने जा रही है।