दिल्ली-पंजाब में बारिश से हाहाकार: यमुना उफान पर, श्मशान घाट डूबा; पंजाब में अब तक 37 लोगों की मौत, लाखों प्रभावित

दिल्ली से लेकर पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक भारी बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। दिल्ली में यमुना का जलस्तर 207 मीटर पार कर गया है, जिससे निगमबोध घाट डूब गया और श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार रोकना पड़ा। दूसरी ओर पंजाब में बाढ़ से 37 लोगों की मौत हो गई है और 3.55 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।

दिल्ली-पंजाब में बारिश से हाहाकार: यमुना उफान पर, श्मशान घाट डूबा; पंजाब में अब तक 37 लोगों की मौत, लाखों प्रभावित
दिल्ली में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने राजधानी का हाल बेहाल कर दिया है। यमुना नदी का जलस्तर 207 मीटर पार कर गया है, जो 1963 के बाद पांचवीं बार इतना ऊंचा दर्ज किया गया है। बाढ़ का पानी निगमबोध घाट तक पहुंच चुका है, जिसके चलते अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोकनी पड़ी।

लोहे का पुल और मेट्रो स्टेशन भी प्रभावित
भारी बारिश से यमुना के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भर गया है। यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन जाने वाला मार्ग जलमग्न है, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू कर दिया है।

पंजाब में तबाही, 1988 जैसी भयावह बाढ़
पंजाब में हालात बेहद खराब हैं। 23 जिलों में 1.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3.55 लाख से ज्यादा लोग 1,655 गांवों में फंसे हुए हैं। मवेशियों की मौत और गांवों के डूबने से हालात और गंभीर हो गए हैं। यह बाढ़ 1988 के बाद की सबसे विनाशकारी मानी जा रही है।

स्कूल-कॉलेज 7 सितंबर तक बंद
प्रशासन ने पटियाला और रूपनगर जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। पंजाब सरकार ने स्थिति को देखते हुए राज्यभर के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया है। राहत और बचाव कार्य सेना और एनडीआरएफ की मदद से लगातार जारी हैं।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में नदियों का रौद्र रूप
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं। इन नदियों के उफान और मौसमी नालों के बहाव से कस्बे और गांव जलमग्न हो चुके हैं।