होर्मुज से गुजरने की कीमत 18 करोड़! ईरान पर जहाजों से भारी वसूली का आरोप

होर्मुज जलसंधि में बढ़ते तनाव के बीच ईरान पर जहाजों से भारी फीस वसूलने के आरोप. जानिए इसका वैश्विक तेल बाजार और भारत पर क्या असर पड़ सकता है.

होर्मुज से गुजरने की कीमत 18 करोड़! ईरान पर जहाजों से भारी वसूली का आरोप

पश्चिम एशिया में बढ़ते टकराव के बीच ईरान पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि वह होर्मुज जलसंधि से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से भारी रकम वसूल रहा है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में गिना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात ने इसे बेहद जोखिम भरा क्षेत्र बना दिया है. खबरों के अनुसार, कई जहाजों से सुरक्षित गुजरने के लिए करीब 20 लाख डॉलर यानी लगभग 18 करोड़ रुपये तक की मांग की जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में चिंता बढ़ गई है.

ईरान का दावा—जलमार्ग पर अधिकार, विरोधी देशों पर सख्ती
ईरान के सांसद अलाउद्दीन बोरुजेर्दी के बयान के मुताबिक, युद्ध जैसे हालात में बढ़े खर्च को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. उनका तर्क है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान का अधिकार है, इसलिए यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेना असामान्य नहीं है. वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि यह रास्ता उन देशों के जहाजों के लिए सीमित किया जा सकता है, जिन्हें ईरान अपना विरोधी मानता है.

वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर, कीमतों में दिखने लगी हलचल
होर्मुज जलसंधि की अहमियत इस बात से समझी जा सकती है कि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता है. मार्च की शुरुआत से यहां आई बाधाओं का असर अब वैश्विक ईंधन कीमतों पर दिखने लगा है. इसके साथ ही जहाजों की आवाजाही में भी कमी आई है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ गई है.

कुछ देशों को राहत, ईरान का चयनात्मक रवैया सामने आया
हालांकि, ईरान हर जहाज के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं कर रहा है. भारत के एलपीजी जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है, जबकि एक पाकिस्तानी टैंकर भी सुरक्षित निकल चुका है. इससे साफ है कि कुछ देशों या परिस्थितियों में छूट दी जा रही है, जो इस पूरे मामले को और जटिल बनाता है.

अमेरिका-ईरान टकराव तेज, जलमार्ग बंद होने का खतरा
इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और तेज कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर जलमार्ग खोलने की चेतावनी दी है. इसके जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए पलटवार की बात कही है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि यदि उनके बिजली संयंत्रों पर हमला हुआ, तो इस अहम जलमार्ग को पूरी तरह बंद किया जा सकता है.