रोहतक के लाखनमाजरा स्टेडियम में दर्दनाक हादसा: जर्जर पोल गिरने से उभरते बास्केटबॉल स्टार हार्दिक राठी की मौत
रोहतक के लाखनमाजरा स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर के युवा खिलाड़ी हार्दिक राठी की अभ्यास के दौरान पोल गिरने से मौत हो गई। जर्जर पोल व स्टेडियम की बदहाल स्थिति पर उठे सवाल और ग्रामीणों का आक्रोश। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से।
रोहतक के लाखनमाजरा स्टेडियम में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जिसमें मात्र 16 वर्षीय राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की जान चली गई। सुबह अभ्यास के दौरान अचानक बास्केटबॉल का पुराना पोल उसके सीने पर आ गिरा, और इस हादसे ने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया।
उभरते सितारे की जिंदगी एक पल में खत्म
हार्दिक राठी वह नाम था, जिसे हरियाणा बास्केटबॉल का भविष्य माना जा रहा था। वह तीन सब-जूनियर नेशनल और एक यूथ नेशनल प्रतियोगिता खेल चुका था। फिलहाल वह इंदौर की नेशनल बास्केटबॉल अकादमी में ट्रेनिंग ले रहा था और चार महीने पहले ही अपने गांव आया था।
कोर्ट में अभ्यास के दौरान हुआ हादसा
सुबह करीब 10 बजे खिलाड़ी कोच मोहित राठी की देखरेख में अभ्यास कर रहे थे। रेस्ट के समय हार्दिक उछलकर डंक शॉट का अभ्यास कर रहा था। इसी दौरान उसकी उंगली नेट में फंस गई और 18 साल पुराना कमजोर पोल अचानक उसकी तरफ झुककर सीधे सीने पर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाते समय ही उसने दम तोड़ दिया।
जर्जर पोल बना मौत का कारण
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर सांसद कोटे से मंजूर 20 लाख रुपये की ग्रांट स्टेडियम के सुधार में लग जाती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। करीब 18 साल पहले लगाया गया यह पोल लंबे समय से कमजोर और जंग खाया हुआ था। ग्रामीण बताते हैं कि लाखनमाजरा में बास्केटबॉल खेल हमेशा से लोकप्रिय रहा है।
खेल प्रतिभाओं की धरती है लाखनमाजरा
गांव में अब तक 16 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर चुके हैं। सुनील राठी, नरेंद्र राठी, विनय कौशिक और सोमबीर राठी जैसे नाम यहां के गौरव हैं। इसके अलावा 50 से ज्यादा खिलाड़ी नेशनल लेवल पर खेल चुके हैं। गांव में 20 साल पहले युवा स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दो स्टेडियम बनवाए थे।
फेडरेशन ने जताया दुख, जांच के आदेश
बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ हरियाणा के अध्यक्ष अजय श्योराण ने हादसे को प्रदेश के लिए बड़ी क्षति बताया। उनके अनुसार हार्दिक हाल ही में हरियाणा की अंडर-17 टीम का हिस्सा रहा, जिसने नेशनल में तीसरा स्थान हासिल किया था। फेडरेशन ने पूरे प्रदेश में बास्केटबॉल ग्राउंड्स की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।
ग्रामीणों की मांग—कब होगा स्टेडियम का सुधार?
ग्रामीणों का कहना है कि 18 साल पहले लगे स्टेडियम के उपकरण अब खस्ताहाल हो चुके हैं। हार्दिक और शेखर राठी प्रदेश के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल थे जिनका चयन इंदौर नेशनल अकादमी के लिए हुआ था। ऐसे में इतनी बड़ी लापरवाही किसी भी युवा खिलाड़ी के भविष्य को खतरे में डाल सकती है।
खेल जगत में शोक की लहर
कोच अमित हुड्डा के अनुसार हार्दिक का नेशनल टीम में चयन लगभग तय माना जा रहा था। वह रोहतक की उस टीम का भी हिस्सा था जिसने भिवानी में हुई 57वीं राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। उसकी अकाल मौत से पूरा खेल समुदाय सदमे में है।


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