मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में हो रही सुस्ती से सम्राट चौधरी सरकार सख्त, पूरे राज्य के विकास कार्यों पर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
बिहार में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर राज्य सरकार ने पूरे बिहार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के बाद विभागीय स्तर पर स्वीकृत योजनाओं की मौजूदा स्थिति, खर्च और काम पूरा होने में देरी के कारणों की समीक्षा की जाएगी।
बिहार में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर राज्य सरकार ने पूरे बिहार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के बाद विभागीय स्तर पर स्वीकृत योजनाओं की मौजूदा स्थिति, खर्च और काम पूरा होने में देरी के कारणों की समीक्षा की जाएगी।
योजना एवं विकास विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 तक 17वीं विधानसभा के कार्यकाल, यानी 2021-22 से 2025-26 के दौरान अनुशंसित विकास कार्यों के लिए उपलब्ध राशि में से करीब 71.40% खर्च हो चुकी थी, जबकि लगभग 20% स्वीकृत योजनाएं अलग-अलग चरणों में थीं। कुछ क्षेत्रों में वर्षों पुरानी योजनाओं के भी अधूरे रहने की बात सामने आई है।
मार्च 2023 की CAG रिपोर्ट में भी योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी कमियां दर्ज की गई थीं। रिपोर्ट के अनुसार नमूना जांच वाले 13 प्रमंडलों में उपलब्ध निधि का 28% से 59% तक हिस्सा इस्तेमाल नहीं हुआ था। अब सरकार लंबित योजनाओं और राशि के इस्तेमाल की स्थिति की गहन समीक्षा करेगी।







