AC की कूलिंग का नया नियम: क्यों है 20-28°C का फॉर्मूला? जानें दुनियाभर में क्या है ट्रेंड!

भारत सरकार ने एसी तापमान सीमा 20-28 डिग्री के बीच निर्धारित की। यह कदम ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए उठाया गया है। नई नीति का फायदा जानने के लिए पढ़ें।

AC की कूलिंग का नया नियम: क्यों है 20-28°C का फॉर्मूला? जानें दुनियाभर में क्या है ट्रेंड!
प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकार ने एयर कंडीशनर (AC) के तापमान की ऑपरेटिंग सीमा तय कर दी है। अब आप अपने घर, ऑफिस, या गाड़ी में एसी का तापमान 20 डिग्री से कम और 28 डिग्री से ज्यादा नहीं रख पाएंगे। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि इस नई नीति का उद्देश्य बिजली की खपत कम करना और पर्यावरण में संतुलन बनाए रखना है।

क्यों पड़ी नई सीमा की जरूरत?
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में गर्मी के मौसम में एसी का उपयोग बहुत बढ़ जाता है। ज्यादातर लोग एसी को 16-20 डिग्री सेल्सियस पर चलाते हैं, जिससे ऊर्जा की खपत बहुत अधिक होती है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने न्यूनतम तापमान सीमा 20 डिग्री और अधिकतम 28 डिग्री निर्धारित की है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई नीति
भारत की तरह ही अन्य देशों में भी एसी के तापमान की सीमा तय है। अमेरिका में यह सीमा 21-24 डिग्री सेल्सियस, चीन में 24-26 डिग्री, जापान में 26-28 डिग्री, और इटली में 23-25 डिग्री के बीच है।

पावर सेविंग और पर्यावरण संरक्षण के फायदे
नई नीति से बिजली की खपत कम होगी, जिससे आपके बिजली के बिल भी घटेंगे। यह कदम पर्यावरण में कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में भी सहायक होगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार, एसी को 24-26 डिग्री पर चलाना ऊर्जा की बचत के लिए सबसे उपयुक्त है।

नई नीति किन पर लागू होगी?
यह नीति रेजिडेंशियल और कमर्शियल बिल्डिंग्स के साथ-साथ गाड़ियों में भी लागू होगी। अस्पताल, होटल, और डेटा सर्वर रूम जैसे स्थानों के लिए विशेष सीमाएं तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, अस्पतालों के लिए सीमा 21-24 डिग्री और डेटा सर्वर रूम के लिए 18-27 डिग्री के बीच है।