बिजली बिल बकायेदारों पर कड़ा शिकंजा, मार्च तक 200 करोड़ वसूली का लक्ष्य

पटना में ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बिजली कंपनियों की राजस्व समीक्षा बैठक हुई। बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई और मार्च तक 200 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य तय किया गया।

बिजली बिल बकायेदारों पर कड़ा शिकंजा, मार्च तक 200 करोड़ वसूली का लक्ष्य

ऊर्जा विभाग की ओर से बिजली कंपनियों के राजस्व संग्रह को तेज करने के लिए शुक्रवार को पटना स्थित विद्युत भवन में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने की। बैठक में राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों के राजस्व संग्रह की मौजूदा स्थिति का विस्तार से आकलन किया गया और अधिकारियों को वसूली की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

बड़े बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
बैठक में अधिकारियों को साफ तौर पर कहा गया कि जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का बकाया है, उनकी सूची नियमित रूप से अपडेट की जाए। खासकर बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर जोर दिया गया, ताकि लंबित राशि की वसूली तेजी से हो सके और राजस्व में बढ़ोतरी हो। अधिकारियों से यह भी कहा गया कि बकायेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए।

डबल कनेक्शन रोकने के लिए विशेष अभियान
राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डबल कनेक्शन जैसे मामलों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि इस तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगाकर बिजली कंपनियों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मार्च तक 200 करोड़ वसूली का लक्ष्य
बैठक के दौरान दोनों वितरण कंपनियों को मार्च के अंत तक वसूली का बड़ा लक्ष्य दिया गया। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को 31 मार्च तक 100-100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वसूली करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में बिजली वितरण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्हें इस लक्ष्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए रणनीति बनाने को कहा गया।