विक्रमशिला से मेट्रो तक: भागलपुर के लिए बड़े सपनों का ऐलान
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर में मेट्रो, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्जीवन, एयरपोर्ट और बड़े विकास प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया। जानें बिहार के विकास का पूरा प्लान।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस तरह नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से विकसित कर उसकी ऐतिहासिक पहचान को वापस लाया गया, उसी तर्ज पर विक्रमशिला विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत को भी पुनर्जीवित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही भागलपुर में मेट्रो सेवा शुरू करने की दिशा में भी सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
2005 से पहले और अब के विकास की तुलना
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भागलपुर और बांका पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले राज्य में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। उस समय स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं भी आम लोगों तक नहीं पहुंच पाती थीं। उन्होंने बताया कि तब जहां राज्य में केवल 6 हजार किलोमीटर सड़कें थीं, वहीं अब यह बढ़कर करीब 1 लाख 40 हजार किलोमीटर हो चुकी हैं।
बजट और बिजली में बड़ा बदलाव
उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बिहार का बजट महज 23 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये हो गया है। बिजली क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। जहां पहले 17 लाख उपभोक्ता थे, वहीं अब यह संख्या 2 करोड़ 16 लाख तक पहुंच गई है। राज्य में 22 से 24 घंटे बिजली मिल रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा से अधिकांश परिवारों का बिल शून्य हो रहा है।
भागलपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर को आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। पटना में मरीन ड्राइव बनने के बाद अब भागलपुर में भी इसी तरह का प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। इसके अलावा भागलपुर को मिर्चाचौकी, मुंगेर, सुल्तानगंज-देवघर और बांका से जोड़ने के लिए फोरलेन सड़कों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भागलपुर के विकास पर करीब 36 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
एयरपोर्ट और उद्योग से रोजगार की उम्मीद
उन्होंने यह भी बताया कि भागलपुर में दो एयरपोर्ट बनाने की योजना पर काम चल रहा है और अगले छह महीनों में दूसरे एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हो सकता है। इसके साथ ही 450 एकड़ जमीन पर उद्योग स्थापित करने की तैयारी है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
रोजगार के बड़े लक्ष्य पर सरकार की नजर
सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय यात्रा, प्रगति यात्रा और समृद्धि यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास की मजबूत नींव रखी है, जिससे राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
एक्सप्रेसवे और सिंचाई से बदलेगी तस्वीर
बांका जिले के कटोरिया में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभी कोलकाता जाने में 10 से 12 घंटे लगते हैं, लेकिन रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी 5 से 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। साथ ही हनुमना डैम तक गंगा का पानी पहुंचाने की योजना से सिंचाई की समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है।
पलायन रोकने और समृद्धि का दावा
सम्राट चौधरी ने एनडीए को समर्थन देने के लिए बांका की जनता का आभार जताया और कहा कि अब बुनियादी ढांचे के बाद उद्योगों पर फोकस किया जा रहा है। उनका दावा था कि आने वाले पांच वर्षों में बिहार से मजदूरी के लिए पलायन लगभग खत्म हो जाएगा और राज्य समृद्धि की ओर तेजी से बढ़ेगा।


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