Viral Video: पुलिस जीप पर चढ़कर युवक ने बनाई रील — बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

शेखपुरा में युवक ने पुलिस जीप पर चढ़कर बनाई रील, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल। पुलिस प्रशासन की सतर्कता पर उठे सवाल। पढ़ें पूरी कहानी।

Viral Video: पुलिस जीप पर चढ़कर युवक ने बनाई रील — बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

बिहार के शेखपुरा से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक पुलिस की जीप पर चढ़कर फिल्मी अंदाज में रील बनाता नजर आ रहा है। यह घटना पुलिस की गाड़ियों की सुरक्षा और उनकी गरिमा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रही है।

बरबीघा थाना की जीप, लेकिन घटना बौउघाट की
वायरल वीडियो के मुताबिक मामला बौउघाट थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। हालांकि जिस पुलिस वाहन पर युवक स्टंट करता दिख रहा है, उस पर साफ तौर पर 'बरबीघा थाना' लिखा हुआ है।

शुरुआत में माना गया कि घटना बरबीघा थाना की है। लेकिन जब पड़ताल हुई तो बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि — यह जीप छह महीने पहले लाइन क्लोज कर दी गई थी और अब बौउघाट थाना में तैनात है।

इससे साफ हुआ कि वाहन फिलहाल बौउघाट थाना क्षेत्र में ही इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन उसकी निगरानी में भारी चूक हुई है।

फिल्मी अंदाज में स्टंट, पुलिस नदारद
वीडियो में युवक पुलिस जीप की छत पर चढ़कर पोज देता और डायलॉगबाज़ी करता दिख रहा है। इस दौरान आस-पास कोई पुलिसकर्मी नज़र नहीं आता। यह सिर्फ लापरवाही का मामला नहीं बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून के प्रति आम जनता के मन में डर और सम्मान लगातार कम होता जा रहा है।

स्थानीय लोगों का गुस्सा — आम आदमी की सुरक्षा कहां?
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। लोगों ने कहा, अगर पुलिस की गाड़ियां ही मनोरंजन का मंच बन जाएं तो आम आदमी की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जाए? पुलिस की निगरानी कहां थी? क्या यह गाड़ी अभी भी गश्ती में इस्तेमाल हो रही है? कैसे कोई युवक बिना किसी रोक-टोक के पुलिस वाहन पर चढ़ गया?

लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सिर्फ प्रशासन की लापरवाही है या इसमें किसी की मिलीभगत भी शामिल है।

पुलिस का अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
वीडियो वायरल होने के बावजूद शेखपुरा पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। न ही यह बताया गया है कि इस मामले में जांच शुरू हुई है या किसी के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस चुप्पी से लोगों में निराशा और अविश्वास का माहौल और गहरा गया है।

ऐसे मामलों से साफ है कि पुलिस प्रशासन को अपनी कार्यशैली सुधारने और जनता के विश्वास को बहाल करने की जरूरत है।