छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर करारा वार: बीजापुर और सुकमा में 14 ढेर, मुठभेड़ से कांपा रेड कॉरिडोर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, 14 नक्सली ढेर। गृह मंत्री अमित शाह का दावा—31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। बीजापुर और सुकमा जिलों में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सली मारे गए हैं। इन अभियानों से न केवल नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचा है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के हौसले भी मजबूत हुए हैं। लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से जूझ रहे इन इलाकों में यह कार्रवाई एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है।
सुकमा में सबसे बड़ा झटका, 12 नक्सलियों के शव बरामद
सुकमा जिले से सुरक्षाबलों को 12 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इलाके में सर्च ऑपरेशन के दौरान यह सफलता मिली। मारे गए नक्सली प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से सुरक्षाबलों को निशाना बना रहे थे। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
बीजापुर में खूनी मुठभेड़, कुख्यात नक्सली हंगमा मदकाम ढेर
बीजापुर जिले के गंगापल्ली गांव में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें दो नक्सली मारे गए। इनमें कुख्यात नक्सली हंगमा मदकाम भी शामिल है, जिस पर कई संगीन वारदातों का आरोप था। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने एक एसएलआर और एक 12 बोर राइफल भी बरामद की है। सूत्रों के अनुसार इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
नक्सल मुक्त भारत की समयसीमा तय, अमित शाह का बड़ा ऐलान
इन कार्रवाइयों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान खासा अहम माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर देगी। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार इस लक्ष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगी।
रेड कॉरिडोर से आज़ादी की ओर, बदली रणनीति से बदली तस्वीर
अमित शाह ने यह भी याद दिलाया कि कभी पशुपति से तिरुपति तक फैला इलाका ‘रेड कॉरिडोर’ के नाम से जाना जाता था, जहां देश के करीब 70 प्रतिशत नक्सल प्रभावित क्षेत्र आते थे और लगभग 12 करोड़ लोग नक्सल हिंसा के साये में जीते थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संवाद, सुरक्षा और समन्वय—इन तीन स्तंभों पर काम करते हुए नक्सलवाद की कमर तोड़ी है। गृह मंत्री ने भरोसे के साथ कहा कि तय समयसीमा तक हथियारबंद नक्सलवाद का पूरी तरह अंत कर दिया जाएगा।


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