वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला, काराकास में धमाकों से दहशत; इमरजेंसी लागू

अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर हवाई हमला किया, काराकास में कई धमाके, इमरजेंसी लागू। वेनेज़ुएला सरकार ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर उल्लंघन का आरोप लगाया।

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला, काराकास में धमाकों से दहशत; इमरजेंसी लागू

अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव ने खतरनाक मोड़ ले लिया है। वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में एक के बाद एक कई धमाकों की आवाज़ों ने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार कम से कम सात जोरदार विस्फोट सुने गए, वहीं आसमान में बेहद नीचे उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज़ें भी गूंजती रहीं। इन घटनाओं के बाद राजधानी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रशिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी वायुसेना ने वेनेज़ुएला के इस्ला मार्गरीटा द्वीप पर हवाई हमला किया, जहां देश के कई अहम सैन्य अड्डे स्थित हैं। इन हमलों के तुरंत बाद वेनेज़ुएला सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया। सरकार का आरोप है कि अमेरिकी हमलों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी निशाना बनाया गया।

सैन्य अड्डों के आसपास अंधेरा, लोगों में भगदड़
काराकास के अलग-अलग हिस्सों में विस्फोटों की तेज आवाजें देर तक सुनाई देती रहीं। शहर के दक्षिणी इलाके, जो एक बड़े सैन्य अड्डे के नजदीक है, वहां अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। धमाकों के बाद कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए, जबकि कुछ नागरिकों को राजधानी छोड़ते हुए भी देखा गया, जिससे हालात की गंभीरता साफ झलकती है।

अमेरिकी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव
इन हमलों से पहले वेनेज़ुएला द्वारा पांच अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद अमेरिका की ओर से सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना वेनेज़ुएला में जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू कर सकती है।

ड्रग तस्करी के नाम पर सैन्य दबाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी सेना हाल के दिनों में ड्रग तस्करी से जुड़ी नावों को निशाना बना रही है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ ही दिन पहले वेनेज़ुएला ने ड्रग तस्करी से निपटने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत की इच्छा जताई थी। इसके बावजूद हवाई हमलों ने दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप
अमेरिकी हवाई हमलों पर वेनेज़ुएला सरकार का कड़ा बयान सामने आया है। सरकार ने काराकास, मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा राज्यों में नागरिक और सैन्य इलाकों पर हुए हमलों की तीखी निंदा की है। बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 1 और 2 का गंभीर उल्लंघन है, जो संप्रभुता, राज्यों की समानता और बल प्रयोग पर रोक की गारंटी देते हैं। सरकार के मुताबिक ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा हैं।

मादुरो का आरोप—तेल और सत्ता पर नजर
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पहले ही अमेरिका पर सरकार बदलने की साजिश रचने का आरोप लगा चुके हैं। एक पहले से रिकॉर्ड इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अमेरिका की असली नजर वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार पर है। गौरतलब है कि मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म के आरोप भी लगाए गए हैं। हाल ही में एक डॉकिंग एरिया पर हुए ड्रोन हमले के पीछे CIA का हाथ होने का दावा किया गया था, जिसे वेनेज़ुएला की जमीन पर अमेरिका का पहला प्रत्यक्ष सैन्य ऑपरेशन माना जा रहा है।