बिहार में अमित शाह का ‘160 पार’ नारा सच! NDA की तूफानी बढ़त—BJP-जेडीयू ने बदला चुनावी समीकरण
बिहार चुनाव 2025 के शुरुआती रुझानों में NDA 160 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है। बीजेपी, जेडीयू, LJP और HAM सभी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अमित शाह का ‘अबकी बार 160 पार’ नारा सच होता दिख रहा है। जानें—प्रशांत किशोर, ओवैसी और तेज प्रताप यादव की पार्टियों का क्या हाल है।
बिहार विधानसभा चुनाव में गृह मंत्री अमित शाह का नारा—“अबकी बार 160 पार”—रुझानों में सच होता दिख रहा है। चुनाव आयोग से मिल रही शुरुआती जानकारी के अनुसार एनडीए 160 से अधिक सीटों पर मजबूती से आगे चल रहा है। इस बढ़त के साथ बिहार की सियासत में एक बार फिर सत्ता का पलड़ा एनडीए के पक्ष में झुकता दिखाई दे रहा है।
बीजेपी–जेडीयू की धाक, LJP और HAM भी दिखा रहे दम
ताज़ा रुझानों के अनुसार बीजेपी 68 सीटों पर, जेडीयू 65 सीटों पर, एलजेपी 16 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) 4 सीटों पर आगे है। इससे साफ है कि एनडीए ने इस चुनाव में सभी मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन किया है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान—‘सीएम संवैधानिक प्रक्रिया से तय होगा’
बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बढ़त के बीच कहा कि मुख्यमंत्री का चयन NDA की संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार होगा। उन्होंने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि “वोट चोरी का नैरेटिव फैलाकर महागठबंधन ने अपनी खुद की नाव डुबो दी।”
दोनों गठबंधनों ने लगाए थे पूरे दांव, लेकिन जनता ने बदला मूड
एनडीए हो या महागठबंधन—दोनों ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। रैलियों से लेकर डिजिटल कैंपेन तक, हर पक्ष ने मतदाताओं को लुभाने की हर कोशिश की। बावजूद इसके शुरुआती रुझान बताते हैं कि जनता ने इस बार एनडीए पर ज्यादा भरोसा जताया है।
प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी चर्चा में
चुनावी रणनीति से राजनीति में आए प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी कई सीटों पर अप्रत्याशित प्रदर्शन कर रही है। पीके खुद दावा कर चुके हैं कि उनकी पार्टी राज्य में “नई राजनीति की शुरुआत” करेगी।
सीमांचल में ओवैसी की उम्मीदें, तेज प्रताप को भी बड़ा भरोसा
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सीमांचल क्षेत्र में अपने पार्टी उम्मीदवारों की बढ़त का दावा कर चुके हैं। उधर RJD से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के लिए दहाई अंक की उम्मीद लगाए बैठे हैं। महुआ और आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों में भी जोश दिखाई दे रहा है।
तस्वीर बदल रही है—आगे किसकी सरकार बनेगी?
जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बिहार की राजनीतिक तस्वीर और साफ होती जा रही है। अगर रुझान इसी तरह जारी रहे, तो बिहार में एक बार फिर NDA सरकार बनने का रास्ता साफ हो सकता है।


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