अनोखी परंपरा: 3000 किलो प्रसाद की ‘लूट’, 80 गांवों से पहुंचे श्रद्धालु बने साक्षी
गुजरात के डाकोर स्थित श्री रणछोड़रायजी महाराज मंदिर में 3000 किलो प्रसाद की ‘लूट’ परंपरा निभाई गई। 80 गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया। सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी।
गुजरात के खेड़ा ज़िले के डाकोर में स्थित श्री रणछोड़रायजी महाराज मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी ‘प्रसाद लूट’ की परंपरा निभाई गई। यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से बेहद खास माना जाता है।
मंदिर में भगवान रणछोड़रायजी को 3000 किलोग्राम प्रसाद अर्पित किया गया था, जिसे बाद में परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं द्वारा "लूट" लिया गया। दरअसल, यह लूट किसी अनुशासनहीनता का प्रतीक नहीं, बल्कि सदियों पुरानी धार्मिक प्रथा का हिस्सा है, जिसमें प्रसाद को लूटना शुभ माना जाता है।
80 गांवों से पहुंचे श्रद्धालु
इस विशेष आयोजन के लिए मंदिर प्रशासन हर साल आसपास के 80 गांवों के निवासियों को आमंत्रित करता है। इस बार भी हजारों लोग अपने गांवों से डाकोर पहुंचे और इस पारंपरिक उत्सव में शामिल हुए। मंदिर प्रांगण में प्रसाद के रूप में तैयार किया गया भोजन कई तरह की मिठाइयों और व्यंजनों से भरा था।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भीड़ के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मियों ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया। श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसाद पाने की खुशी साफ झलक रही थी।
आस्था और आनंद का संगम
स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रसाद लूटने से समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि गांवों के बीच आपसी एकता और उत्साह का भी प्रतीक है।


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