बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर ‘फ्रेंडली फाइट’! तेजस्वी बोले—कल सब कुछ साफ हो जाएगा, गहलोत ने दी एकजुटता की गारंटी
बिहार चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर खींचतान तेज। तेजस्वी यादव बोले—“कल सब कुछ साफ हो जाएगा।” कांग्रेस ने अशोक गहलोत को पटना भेजा, NDA ने कसा तंज—“जो सीटें नहीं बांट पाए, वो सरकार क्या चलाएंगे?”
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल) के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। NDA ने जहां इसे ‘सिर फुटव्वल’ करार दिया है, वहीं RJD नेता तेजस्वी यादव आत्मविश्वास से भरे नजर आए।
NDA नेताओं का कहना है कि जो गठबंधन 243 सीटों में से अपनी हिस्सेदारी तक तय नहीं कर पा रहा, वह राज्य की सरकार कैसे चला पाएगा? बीजेपी के प्रवक्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि महागठबंधन में सीट बंटवारे की लड़ाई सड़कों पर आने वाली है।
तेजस्वी का स्वैग और कल का वादा
महिलाओं के लिए अपनी नई घोषणाओं के साथ जब तेजस्वी यादव मीडिया के सामने आए, तो पत्रकारों ने उनसे सीधे सवाल पूछा—क्या महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर विवाद चल रहा है?
तेजस्वी यादव ने हल्की मुस्कान के साथ हाथ से इशारा करते हुए जवाब दिया, “कल बात करेंगे… कल सब जवाब मिल जाएगा।” उनके आत्मविश्वास भरे हावभाव से लग रहा था कि बातचीत के जरिए सारा मामला सुलझा लिया जाएगा।
गहलोत बने कांग्रेस के ‘ट्रबलशूटर’
कांग्रेस ने भी अपने सियासी ‘चाणक्य’ अशोक गहलोत को मैदान में उतारा है। दिल्ली से सीधे पटना पहुंचे गहलोत ने बयान दिया—“इतने बड़े महागठबंधन में 5–10 सीटों पर मतभेद कोई बड़ी बात नहीं है। हमारा फोकस बिहार की 243 सीटों पर है और हम एकजुट होकर लड़ रहे हैं।”
गहलोत ने पहले तेजस्वी यादव से उनके आवास पर मुलाकात की और फिर लालू यादव से मुलाकात के लिए पहुंचे। दोनों नेताओं के साथ लंबी चर्चा के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, “महागठबंधन में कोई झगड़ा नहीं है, सब मिलकर कैंपेन करेंगे और जीतेंगे।”
13 सीटों पर फंसा है पेंच
सूत्रों के मुताबिक, कुल 13 सीटें ऐसी हैं जिन पर RJD और कांग्रेस के बीच सहमति नहीं बन पा रही। तेजस्वी यादव की कोशिश है कि ये विवाद जल्द खत्म हो, ताकि एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचे। गहलोत ने भी माना कि 4 से 5 सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ हो सकती है, लेकिन इसे बड़ा मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कल हम सभी मिलकर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। बिहार की जनता को भरोसा दिलाएंगे कि महागठबंधन पहले से ज्यादा मज़बूत है।”
पप्पू यादव का बयान बना चर्चा का विषय
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी सियासी बयानबाज़ी को नई दिशा दे दी। उन्होंने कहा, “बिहार की पार्टियों की हालत देखकर अब राजनीति करने का मन नहीं करता। कभी-कभी लगता है राजनीति छोड़ दूं।”
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो भी निर्णय होगा, वही सभी के लिए मान्य होगा।
NDA का पलटवार
इधर NDA नेताओं ने गहलोत के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि “जिन्हें 13 सीटों पर आपसी तालमेल नहीं बैठ रहा, वे 13 करोड़ बिहारवासियों की सरकार कैसे चला पाएंगे?” जेडीयू नेताओं ने कहा कि महागठबंधन का एकमात्र एजेंडा सत्ता है, जनता नहीं।
बिहार की सियासत में इस वक्त महागठबंधन और NDA के बीच शब्दों का संग्राम तेज है। एक तरफ तेजस्वी यादव आत्मविश्वास के साथ “कल का इंतज़ार” करा रहे हैं, वहीं कांग्रेस के अशोक गहलोत डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। कल (23 अक्तूबर) की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह तय हो जाएगा कि बिहार में विपक्ष की एकजुटता हकीकत है या सिर्फ दिखावा।


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