दिल्ली-NCR की ज़हरीली हवा: 8 साल घटा रही है उम्र, EPIC की रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा

दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा लोगों की औसतन 8 साल की उम्र घटा रही है। EPIC की AQLI रिपोर्ट बताती है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित देश है। जानिए कैसे WHO मानकों तक प्रदूषण घटाने से करोड़ों लोगों की जिंदगी बच सकती है।

दिल्ली-NCR की ज़हरीली हवा: 8 साल घटा रही है उम्र, EPIC की रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा

दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार भी वजह चिंता की है। ताज़ा रिसर्च में सामने आया है कि यहां की ज़हरीली हवा लोगों की उम्र औसतन 8 साल तक घटा रही है। शिकागो यूनिवर्सिटी के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) की रिपोर्ट के मुताबिक अगर दिल्ली की हवा WHO Air Quality Standards तक साफ हो जाए, तो यहां के लोग दुनिया में सबसे बड़ा हेल्थ बेनिफिट हासिल कर सकते हैं।

रिपोर्ट का चौंकाने वाला आंकड़ा
EPIC ने एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI) जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत में वायु प्रदूषण औसतन हर इंसान की जिंदगी से 3.5 साल कम कर देता है। लेकिन दिल्ली की स्थिति सबसे गंभीर है। पिछले 25 सालों में राजधानी में PM 2.5 का स्तर लगभग 57% बढ़ चुका है। यही वजह है कि यहां के लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ा है।

WHO मानक तक पहुंची तो 8 साल की बढ़ोतरी
रिपोर्ट कहती है कि अगर दिल्ली की हवा WHO के तय मानक 5 µg/m³ तक साफ हो जाए तो लोगों की उम्र में औसतन 8 साल जुड़ सकते हैं। यहां तक कि अगर दिल्ली अपने राष्ट्रीय मानक 40 µg/m³ तक भी प्रदूषण कम कर ले, तो भी लोगों की लाइफ Expectancy में 4.5 साल की बढ़ोतरी होगी।

प्रदूषण का लोकल फैक्टर
एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिल्ली का करीब 50% प्रदूषण स्थानीय स्रोतों से आता है, जैसे—वाहनों का धुआं, इंडस्ट्रियल उत्सर्जन, निर्माण कार्य और पराली जलाना। अगर इन स्रोतों पर कड़ा नियंत्रण पाया जाए, तो दिल्ली की हवा में बड़ा सुधार संभव है।

पूरे भारत पर डरावना असर
दिल्ली के साथ-साथ पूरे भारत की स्थिति भी चिंताजनक है। रिपोर्ट के अनुसार—
- हर भारतीय नागरिक ऐसी जगह रह रहा है जहां हवा WHO की गाइडलाइन से ज्यादा प्रदूषित है।
- 2023 में भारत का औसत PM 2.5 स्तर 41 µg/m³ दर्ज किया गया, जो WHO मानक से 8 गुना ज्यादा है।
- उत्तर प्रदेश में लोगों की उम्र औसतन 5.9 साल, हरियाणा में 5.2 साल, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लोगों की उम्र 3 से 3.5 साल तक कम हो रही है।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित देश
EPIC रिपोर्ट बताती है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित देश है। खराब हवा की वजह से सामूहिक तौर पर भारतीय नागरिकों की लगभग 4.9 अरब साल की उम्र घट रही है। यह आंकड़ा किसी भी देश के लिए बेहद भयावह है और साफ करता है कि प्रदूषण अब केवल सांस लेने की समस्या नहीं, बल्कि सीधे जीवनकाल पर असर डाल रहा है।