पाकिस्तान के डर्टी गेम का पर्दाफाश, पहलगाम आतंकी हमले में आसिम मुनीर और ISI की गहरी साजिश का खुलासा

पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और ISI प्रमुख आसिम मलिक पर पहलगाम आतंकी हमले की साजिश का आरोप। पूर्व मेजर आदिल राजा ने खुलासा किया कि इस हमले के पीछे सेना और खुफिया एजेंसी का हाथ था। जानिए पूरी कहानी।

पाकिस्तान के डर्टी गेम का पर्दाफाश, पहलगाम आतंकी हमले में आसिम मुनीर और ISI की गहरी साजिश का खुलासा
Asim Munir

पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI के गहरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है। पूर्व पाकिस्तानी सेना मेजर आदिल राजा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और ISI डायरेक्टर जनरल आसिम मलिक की मुख्य भूमिका थी।

आदिल राजा के अनुसार, यह हमला केवल आतंक फैलाने का ही नहीं बल्कि आसिम मुनीर की सेना में स्थिति को मजबूत करने का भी एक षड्यंत्र था। आसिम मुनीर ने अपने प्रमोशन और फील्ड मार्शल बनने की महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए इस हमले को अंजाम दिया। यह षड्यंत्र पाकिस्तान की सेना और सरकार के उच्चतम स्तर पर रचा गया था।

साजिश के मुख्य किरदार
आदिल राजा ने खुलासा किया कि इस हमले में आसिम मुनीर का साथ देने वाले अन्य दो प्रमुख अफसरों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें ISI के मौजूदा महानिदेशक और तीन सितारा जनरल आसिम मलिक और स्पेशल ऑपरेशन डिवीजन के डायरेक्टर जनरल मोहम्मद शहाब असलम शामिल हैं।

आसिम मलिक की भूमिका:
आसिम मलिक को आसिम मुनीर का सबसे करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है। वह 30 सितंबर 2024 को ISI के प्रमुख बने थे और इसके तुरंत बाद उन्होंने पहलगाम हमले की योजना को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हमले के बाद मलिक को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी नियुक्त किया गया, जो ISI प्रमुख रहते हुए इस पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हैं।

मोहम्मद शहाब असलम की भूमिका:
मोहम्मद शहाब असलम, जो स्पेशल ऑपरेशन डिवीजन के डायरेक्टर जनरल हैं, इस साजिश के सीधे संचालन में शामिल थे। उन्होंने हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों से व्हाट्सऐप और अन्य माध्यमों के जरिए संपर्क रखा। उन्होंने अफगानिस्तान और मलेशिया के सिम कार्ड का उपयोग करके आतंकियों को निर्देश दिए, ताकि पाकिस्तान का नाम हमले से न जोड़ा जा सके। भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास इन नंबरों की विस्तृत जानकारी मौजूद है।

पहलगाम हमले का मकसद
आदिल राजा के अनुसार, पहलगाम हमला केवल भारत में दहशत फैलाने का प्रयास नहीं था। यह हमला पाकिस्तान की सेना में आसिम मुनीर की स्थिति को मजबूत करने और उन्हें फील्ड मार्शल पद तक पहुंचाने का एक साधन था। इस हमले से पहले और बाद में आसिम मुनीर ने अपने प्रभाव का विस्तार किया, जिससे उनकी शक्ति और प्रतिष्ठा बढ़ी।

भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस हमले के बाद जांच में जुटकर पाकिस्तान की भूमिका के सबूत जुटाए। आतंकियों और मोहम्मद शहाब असलम के बीच हुए संवाद और इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड्स के विवरण के जरिए इस साजिश का खुलासा हुआ।

इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवाद को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करता है। आसिम मुनीर और उनकी टीम ने अपने व्यक्तिगत हितों और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निर्दोष लोगों की जान से खेला। भारत को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस साजिश को उजागर करने और पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।