ट्रोलिंग से परेशान नोएडा DM मेधा रूपम ने डिएक्टिवेट किया X अकाउंट, CEC ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं

गौतम बुद्ध नगर की DM मेधा रूपम ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बाद अपना X अकाउंट अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। उनके पिता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बिहार की वोटर लिस्ट से 65 लाख वोटर्स हटाने को लेकर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ECI को इस लिस्ट को जारी करने का आदेश दिया है।

ट्रोलिंग से परेशान नोएडा DM मेधा रूपम ने डिएक्टिवेट किया X अकाउंट, CEC ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं
DM Medha Roopam

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम (DM Medha Roopam) ने अपना X (Twitter) अकाउंट अस्थाई रूप से डिएक्टिवेट कर दिया है। बताया जा रहा है कि उन्हें बीते कुछ दिनों से लगातार सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा था।

परिवार पर निशाना, पिता हैं मुख्य चुनाव आयुक्त
मेधा रूपम के पिता ज्ञानेश कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner, CEC) हैं। बिहार में ECI (Election Commission of India) की ओर से Special Intensive Revision (SIR) के तहत वोटर लिस्ट अपडेट की जा रही है। इस प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर ज्ञानेश कुमार की आलोचना हो रही है।

विपक्ष ने उन पर वोट चोरी और पक्षपात के आरोप लगाए हैं। इसी विवाद में मेधा रूपम और उनके परिवार पर भी व्यक्तिगत टिप्पणियां की जाने लगीं।

विपक्ष का आरोप – '65 लाख वोटर्स हटाए गए'
विवाद उस समय और बढ़ गया जब ECI ने SIR प्रक्रिया से आधार कार्ड और वोटर आईडी को बाहर रखने की घोषणा की। बिहार में जारी पहले ड्राफ्ट रोल में यह सामने आया कि करीब 65 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं। विपक्ष ने इसे "फिक्सिंग और वोट चोरी" करार दिया। राहुल गांधी और INDIA गठबंधन ने आरोप लगाया कि ECI अन्य राज्यों में भी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रहा है।

मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

सुप्रीम कोर्ट ने ECI को आदेश दिया कि हटाए गए 65 लाख वोटर्स की पूरी लिस्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में आधार कार्ड को भी शामिल किया जाए। अब मामला और गंभीर हो गया है क्योंकि विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है।

यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मेधा रूपम को ट्रोल करते हुए उनके परिवार पर सवाल उठाए। कुछ ने लिखा कि CEC की बेटियां और दामाद अहम पदों पर हैं और उनकी बहाली पर सवाल उठाए। वहीं, कई लोगों ने मेधा रूपम को ट्रोलिंग से जोड़ने का विरोध किया और कहा कि उन्हें इस विवाद में घसीटना गलत है।