GST Council Big Update: घी-मक्खन से लेकर कार-फ्रिज तक होंगे सस्ते, दिवाली से पहले आएगा गिफ्ट पैकेज!

GST Council की 56वीं बैठक में दिवाली से पहले बड़े फैसले हो सकते हैं। सरकार दो GST स्लैब का ऐलान कर सकती है और करीब 175 वस्तुएं जैसे घी, मक्खन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, AC, फ्रिज और सीमेंट सस्ते हो सकते हैं। साथ ही हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर GST हटाने पर भी चर्चा होगी।

GST Council Big Update: घी-मक्खन से लेकर कार-फ्रिज तक होंगे सस्ते, दिवाली से पहले आएगा गिफ्ट पैकेज!
प्रतीकात्मक तस्वीर

जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक शुरू हो चुकी है और कल इस बैठक में लिए गए अहम फैसलों की घोषणा की जाएगी। यह बैठक खास इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से संबोधन के दौरान दिवाली पर नए GST Reforms लाने का ऐलान किया था। अब माना जा रहा है कि इस बैठक से आम जनता और कंपनियों दोनों को बड़ी राहत मिल सकती है।

टैक्स स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
सरकार के नए प्रस्ताव के मुताबिक, जीएसटी स्ट्रक्चर को सरल बनाते हुए अब सिर्फ दो मुख्य GST Slabs रखने की तैयारी है।
- 28% वाले स्लैब की अधिकांश वस्तुएं 18% में आ सकती हैं।
- 12% स्लैब की वस्तुएं 5% में लाई जा सकती हैं।
- एक विशेष 40% का स्लैब केवल 6-7 लग्ज़री और हानिकारक वस्तुओं पर लागू होगा।

इस बदलाव के बाद औसत जीएसटी दर (जो अभी करीब 11.5% है) घटकर 10% से नीचे आ सकती है।

175 वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 175 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की संभावना है। इनमें शामिल हैं –
- घी, मक्खन, चीज़, जैम, अचार, मुरब्बा
- बादाम और स्नैक्स जैसे फूड प्रोडक्ट्स
- पैक्ड फ्रोजन सब्जियां और फ्रूट जूस
- रेडी-टू-ईट आइटम्स
- इलेक्ट्रॉनिक्स: AC, रेफ्रिजरेटर
- ऑटोमोबाइल और ट्रैक्टर
- सीमेंट और कृषि उपकरण

Health और Life Insurance पर राहत का प्रस्ताव
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया है कि हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम को GST से पूरी तरह बाहर रखा जाए। अगर यह लागू होता है, तो आम जनता को काफी राहत मिलेगी। हालांकि, इससे सरकार को सालाना करीब ₹9,700 करोड़ का राजस्व नुकसान उठाना पड़ सकता है।

12-28% स्लैब में आने वाली खास वस्तुएं
- घी, मक्खन, चीज़
- फ्रूट जूस (नॉन-एरेटेड)
- पैक्ड फ्रोजन सब्जियां
- छाता, सोलर वॉटर हीटर
- कृषि उपकरण
- एयर कंडीशनर, सीमेंट
- कार/एसयूवी

क्या होगा असर?
अगर जीएसटी काउंसिल यह बदलाव मंजूर कर लेती है तो –
- रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे।
- ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना सस्ता हो सकता है।
- हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर टैक्स हटने से लोगों का बोझ घटेगा।
- अर्थव्यवस्था में खपत बढ़ेगी, जिससे फेस्टिव सीज़न में मार्केट में रौनक लौटेगी।