भारत के 6 फाइटर जेट गिराने का पाकिस्तान का दावा गलत, सेना ने खोल दी पाकिस्तान के दावे की पोल
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने पहली बार स्वीकार किया कि पाकिस्तान के साथ हुई झड़प में भारतीय फाइटर जेट गिराए गए, लेकिन पाकिस्तान के छह विमान गिराने के दावे को खारिज किया। 7 मई को भारत-पाक के बीच हुई यह झड़प पिछले 50 वर्षों की सबसे बड़ी मानी जा रही है।
7 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच हुई लड़ाई, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के नाम से जाना जा रहा है, अब तक की सबसे बड़ी सैन्य टकराव मानी जा रही है। इस लड़ाई के बाद से कई सवाल उठ रहे थे, खासकर पाकिस्तान के दावों को लेकर, जिसमें उसने दावा किया था कि उसने भारत के छह फाइटर जेट गिराए हैं।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान का शांग्री-ला डायलॉग में बयान
अब इस मामले में भारतीय सेना की तरफ से पहली बार आधिकारिक पुष्टि हुई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शांग्री-ला डायलॉग के दौरान ब्लूमबर्ग टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया कि झड़प में भारतीय फाइटर जेट गिरे हैं। उन्होंने कहा, "जरूरी यह नहीं कि कितने जेट गिरे, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि वे क्यों गिरे। हमने अपनी गलतियों को पहचाना, सुधार किया और दो दिन के भीतर सभी विमानों को फिर से उड़ाया, साथ ही लंबी दूरी पर सटीक निशाने भी लगाए।"
पाकिस्तान के छह विमानों के दावे को किया खारिज
जनरल चौहान ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के दावे कि उसने छह भारतीय लड़ाकू विमान गिराए, वह पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि भारत ने कितने विमान खोए। यह पहली बार है जब भारत की तरफ से किसी शीर्ष सैन्य अधिकारी ने खुले तौर पर विमानों के नुकसान को स्वीकार किया है।
अमेरिका के परमाणु युद्ध टालने वाले दावे पर CDS का बचाव
साथ ही, जनरल चौहान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर टिप्पणी करने से इनकार किया कि अमेरिका ने भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को टालने में मदद की थी। उन्होंने इसे "थोड़ा ज्यादा खींचा हुआ" बताया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक युद्ध और परमाणु हथियारों के बीच बहुत बड़ा फर्क होता है।
पाकिस्तान को चीन की मदद देने के दावे को भी ठुकराया
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के चैनल हमेशा खुले थे ताकि हालात को नियंत्रण में रखा जा सके। इसके अलावा, पाकिस्तान के दावे को भी उन्होंने खारिज किया कि चीन ने इस संघर्ष में पाकिस्तान को एयर डिफेंस और सैटेलाइट सहायता दी। जनरल चौहान ने कहा कि ये हथियार ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुए।
22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह झड़प 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच हुई, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। 7 मई को दोनों देशों के बीच इस टकराव को पिछले 50 वर्षों की सबसे बड़ी झड़प माना जा रहा है।


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