भारत-पाक सीजफायर: पाकिस्तान ने नकारा अमेरिका का रोल, सऊदी अरब की भूमिका का खुलासा
इशाक डार का दावा- भारत के एयरबेस पर हमलों के बाद सऊदी अरब ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में निभाई अहम भूमिका। अमेरिका की मध्यस्थता को नकारा।
पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि भारत ने मई 2025 में पाकिस्तान के दो बड़े एयरबेस नूर खान और शोरकोट पर हमला किया था। यह हमले 6-7 मई की रात को हुए, जब पाकिस्तान जवाबी हमले की तैयारी कर रहा था।
डार ने कहा कि भारत के हमले से पहले 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इन हमलों में 100 से अधिक आतंकी मारे गए।
सऊदी प्रिंस की पहल पर हुआ सीजफायर
इशाक डार ने बताया कि भारतीय हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में सऊदी अरब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने खुलासा किया कि सऊदी अरब के प्रिंस फैसल ने पाकिस्तान की सहमति के बाद भारत से सीजफायर के लिए बात की थी।
डार ने कहा, भारतीय हमलों के करीब 45 मिनट बाद सऊदी प्रिंस ने मुझसे फोन पर बात की और पूछा कि क्या वे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क करें? मैंने हामी भरी और थोड़ी देर बाद प्रिंस ने बताया कि उन्होंने जयशंकर से बात कर ली है।
अमेरिका की भूमिका नकारने वाला पहला बयान
यह पहली बार है जब पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच सीजफायर में अमेरिका की भूमिका को नकारा है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार यह दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित कराई।
डार ने साफ किया कि सीजफायर सऊदी अरब के प्रयासों से हुआ था। भारत पहले ही अमेरिका की मध्यस्थता को खारिज कर चुका था, और अब पाकिस्तान ने भी यह स्वीकार कर लिया है।


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