200 फाइटर जेट्स, 100 ठिकाने: इजरायल ने ईरान को दिया करारा जवाब, एटॉमिक साइट तबाह; कमांडर मारे गए
इजरायल ने ईरान पर 200 फाइटर जेट्स के साथ 100 से अधिक ठिकानों पर हमला किया, जिसमें वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी मारे गए। जानें इस ऑपरेशन की पूरी कहानी।
इजरायल ने ईरान पर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। 200 फाइटर जेट्स की मदद से किए गए इस ऑपरेशन में ईरान के 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें ईरान का नतांज परमाणु संयंत्र, मिसाइल प्रोग्राम के केंद्र, और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के ठिकाने शामिल हैं।
प्रमुख हाइलाइट्स:
1. इजरायल के ऑपरेशन का उद्देश्य - ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री और एयर डिफेंस सिस्टम को कमजोर करना।
2. ईरानी कमांडरों की मौत- इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर-इन-चीफ जनरल होसैन सलामी, मेजर जनरल मोहम्मद बघेरी और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली शमखानी की हत्या।
3. ईरानी जवाबी कार्रवाई - ईरान ने इजरायल पर 100 से अधिक ड्रोन हमले किए।
इजरायल की रणनीतिक सफलता
इजरायल एयर फोर्स ने अपने आधिकारिक ट्वीट में बताया कि, "खुफिया शाखा के सटीक मार्गदर्शन के तहत, 200 से अधिक लड़ाकू विमानों ने ईरान में 100 से अधिक ठिकानों पर हमला किया।" इस हमले का लक्ष्य स्पष्ट था - ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और हवाई सुरक्षा को कमजोर करना।
मारे गए अधिकारी
1. मेजर जनरल मोहम्मद रेजा जैदी- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के डेप्युटी कमांडर। उन्हें मिसाइल और ड्रोन टेक्नोलॉजी का मास्टरमाइंड माना जाता था।
2. ब्रिगेडियर जनरल पुरदस्तान - ईरान की एयर डिफेंस फोर्स के प्रमुख, जो हवाई सुरक्षा व्यवस्था का संचालन करते थे।
3. मेजर जनरल अली शर्जात - कुद्स फोर्स के चीफ। वह ईरान की विदेशी सैन्य गतिविधियों और प्रॉक्सी वॉर्स के मुख्य रणनीतिकार थे।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार देते हुए जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले से ईरान के सैन्य और कूटनीतिक क्षमताओं को भारी नुकसान हुआ है।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
इस हमले ने मिडल ईस्ट में पहले से अस्थिर स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता व्यक्त की है कि यह घटना क्षेत्रीय युद्ध की स्थिति उत्पन्न कर सकती है।


आँखें न्यूज़ 24 




