कन्हैया कुमार का चुनाव आयोग पर हमला: 'बिहारी साबित करने की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए'
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बिहार में चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मतदाता पहचान का काम नागरिकता जांच में तब्दील नहीं होना चाहिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
कांग्रेस के तेज-तर्रार नेता कन्हैया कुमार ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही SIR (Special Identification Revision) प्रक्रिया पर जमकर हमला बोला है। पटना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर सवाल बताया और कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर अब विपक्षी दलों का भरोसा डगमगाने लगा है।
कन्हैया ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में तीन अहम बातें हैं:
चुनाव आयोग का काम है वोटर लिस्ट तैयार करना, मतदाताओं की पहचान करना और चुनाव कराना। लेकिन जब राहुल गांधी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था, तब कोई जवाब नहीं दिया। अब बिहार में SIR प्रक्रिया शुरू करके और गड़बड़ी फैलाई जा रही है। पहले हरियाणा और महाराष्ट्र में गड़बड़ी मानने से इनकार किया, अब वही मानकर सुधार की बात कर रहे हैं।”
'नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का काम नहीं'
कन्हैया कुमार ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग आखिर नागरिकता के मसले पर कैसे सवाल कर सकता है। नागरिकता तय करना गृह मंत्रालय का काम है, चुनाव आयोग का नहीं। आप कैसे कह सकते हैं कि 2003 में जो दस्तावेज मान्य थे, वे अब मान्य नहीं हैं? इससे लोगों में आशंका पैदा हुई है। अगर मतदाता सूची में गड़बड़ी है, तो हरियाणा और महाराष्ट्र में क्यों नहीं मानी गई?
बिहारियों से क्यों कहा जा रहा है कि साबित करो कि बिहारी हो?
कन्हैया ने चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बिहार में मतदाताओं को यह साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि वे बिहारी हैं। अगर यह सिर्फ मतदाता पहचान की प्रक्रिया है तो सरकार द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र मान्य होना चाहिए। लेकिन आयोग ऐसे कागज मांग रहा है जो आम लोगों के पास नहीं हैं। लोग 3 महीने में कैसे अपनी पहचान साबित करेंगे?
कांग्रेस नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता पहचान प्रक्रिया को नागरिकता के मुद्दे से जोड़ना गलत है और इससे संविधान के मूल सिद्धांतों पर आघात होता है।


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