धान अधिप्राप्ति में तेजी और पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम, लेशी सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
बिहार में धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह और सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। किसानों को 48 घंटे में भुगतान, पैक्स को समय पर राशि और अधिप्राप्ति कार्यक्रम को मिशन मोड में संचालित करने पर जोर दिया गया।
पटना में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें अधिप्राप्ति प्रक्रिया को और प्रभावी व पारदर्शी बनाने पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने की, जबकि सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों विभागों के शीर्ष अधिकारी, सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि और पैक्स से जुड़े पदाधिकारी इस अहम संवाद का हिस्सा बने।
उच्चस्तरीय बैठक में अधिप्राप्ति सुधारों पर जोर
बैठक का मुख्य फोकस पैक्स और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिप्राप्ति कार्यक्रम को गति देना था। सचिव सहकारिता धर्मेंद्र सिंह, खाद्य विभाग के सचिव मो. नैय्यर इक़बाल, निबंधक सहकारिता राजनीश कुमार सिंह, सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों को 48 घंटे में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश
बैठक में मंत्री लेशी सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान अधिप्राप्ति के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में PFMS के माध्यम से भुगतान हर हाल में किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर राशि मिलना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
CMR आपूर्ति के बाद पैक्स को समय पर भुगतान पर जोर
बैठक में यह भी तय हुआ कि CMR आपूर्ति के बाद पैक्सों को SFC द्वारा भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए। पैक्स की ओर से चार महीनों के ब्याज भुगतान की मांग भी रखी गई, जिस पर दोनों मंत्रियों ने सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया।
अध्यक्षों के साथ चर्चा को मंत्री ने बताया ‘सकारात्मक’
मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सहकारी बैंकों के अध्यक्षों से बातचीत रचनात्मक रही और अधिप्राप्ति से जुड़ी किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर बाधा आने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
सहकारिता मंत्री ने लक्ष्य प्राप्ति को मिशन मोड में लागू करने की बात कही
सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि मिलों को उनकी क्षमता के अनुसार तेजी से टैगिंग की जाए और जिला टास्क फोर्स की नियमित बैठकों के माध्यम से गोदाम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिप्राप्ति कार्य को ‘मिशन मोड’ में संचालित किया जाए, ताकि सौ प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो सके।


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