‘Made in India’ iPhone की दुनियाभर में धूम! भारत से रिकॉर्डतोड़ स्मार्टफोन एक्सपोर्ट, Apple ने मचाया तहलका

भारत से iPhone एक्सपोर्ट में 82% की उछाल! 2025 की पहली तिमाही में रिकॉर्ड 6 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट, जानिए ट्रंप टैरिफ और PLI स्कीम की भूमिका।

‘Made in India’ iPhone की दुनियाभर में धूम! भारत से रिकॉर्डतोड़ स्मार्टफोन एक्सपोर्ट, Apple ने मचाया तहलका
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत से एक्सपोर्ट होने वाले iPhone की अंतरराष्ट्रीय बाजार में डिमांड लगातार तेज़ी से बढ़ रही है। अप्रैल से जून 2025 की तिमाही के दौरान Apple ने अपने वेंडरों के माध्यम से 6 अरब डॉलर मूल्य के iPhones भारत से निर्यात किए। यह पिछले साल की तुलना में 82% अधिक है, जो भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।

वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही (Q1) में कुल स्मार्टफोन निर्यात 7.72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.9 अरब डॉलर था। अकेले Apple का हिस्सा 78% से अधिक रहा।

भारत का स्मार्टफोन एक्सपोर्ट अब नई ऊंचाइयों पर
Apple के तगड़े प्रदर्शन की बदौलत भारत अब स्मार्टफोन एक्सपोर्ट में नया रिकॉर्ड कायम करने की दिशा में अग्रसर है। वर्ष 2020 में लॉन्च हुई PLI स्कीम (Production-Linked Incentive) इस तेज़ बढ़त का प्रमुख कारण रही है।

पीएलआई स्कीम के आंकड़े:
- FY21: स्मार्टफोन एक्सपोर्ट = $3.1 अरब
- FY25: स्मार्टफोन एक्सपोर्ट = $24.1 अरब
जिसमें अकेले Apple का योगदान = $17.5 अरब

- FY26 Q1: अब तक $7.72 अरब का निर्यात

Apple के साथ Samsung का भी योगदान
Apple के तीन प्रमुख वेंडर फिलहाल PLI योजना के अंतिम वर्ष में हैं। इन तीनों की परफॉर्मेंस भारतीय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पॉलिसी की सफलता का परिचायक है। इसके अलावा Samsung ने भी भारत से स्मार्टफोन एक्सपोर्ट में अहम भूमिका निभाई है—12% का हिस्सा सिर्फ Samsung का है।

ट्रंप टैरिफ बना चिंता का विषय
हालांकि एक्सपोर्ट आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं, लेकिन अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी भारत के लिए चिंता का विषय बन सकती है। ट्रंप प्रशासन की "Section 232 Investigation" के तहत यह तय किया जाएगा कि क्या स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाएंगे।

इसकी रिपोर्ट 14 अगस्त 2025 तक आने की उम्मीद है। फिलहाल, स्मार्टफोन एक्सपोर्ट पर अस्थायी छूट जारी है, लेकिन आगे की स्थिरता उस रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।