माघी पूर्णिमा और संत रविदास जयंती पर वाराणसी में अलर्ट, ACP शिवहरी मीणा ने खुद संभाली सुरक्षा तैयारियों की कमान
माघी पूर्णिमा और संत रविदास जयंती को लेकर वाराणसी में हाई अलर्ट। एसीपी शिवहरी मीणा ने गंगा घाटों, जुलूस मार्ग और संत रविदास मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
माघी पूर्णिमा और संत रविदास जयंती के पावन अवसर को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था और लोकशांति बनाए रखने के उद्देश्य से अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा ने बुधवार को शहर के प्रमुख धार्मिक और संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।
भीड़ और यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अपर पुलिस आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई नहीं होनी चाहिए और हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखी जाए।
गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर तैयारी
माघी पूर्णिमा के अवसर पर काशी जोन के भैसासुर घाट, पंचगंगा घाट, दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट, तुलसी घाट और अस्सी घाट सहित अन्य प्रमुख गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पहुंचने की संभावना रहती है। इस भारी जनसैलाब को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा घाटों पर मजबूत सुरक्षा घेरा, सुरक्षित आवागमन और प्रभावी भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जा रही है।

मैदागिन से सीरगोवर्धन तक शोभायात्रा पर नजर
माघी पूर्णिमा के दिन ही संत रविदास जयंती का आयोजन भी होता है, जिसे लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। थाना कोतवाली क्षेत्र के मैदागिन चौराहा, जिसे संत रविदास जी की उपदेश स्थली माना जाता है, से विभिन्न क्षेत्रों और जिलों से आने वाले जुलूस एकत्रित होकर संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन तक शोभायात्रा के रूप में प्रस्थान करते हैं।
बाहरी राज्यों से श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या
हर वर्ष की तरह इस बार भी पंजाब सहित अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु विशेष ट्रेनों के माध्यम से संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कई दिनों तक भारी जनसघनता बनी रहती है, जिसे ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मंदिर, हेलीपैड और पार्किंग क्षेत्रों की सघन जांच
अपर पुलिस आयुक्त ने संत रविदास मंदिर परिसर, हेलीपैड स्थल, पार्किंग क्षेत्र, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग, जुलूस रूट और ठहराव स्थलों का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने इन सभी स्थानों को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए यहां विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
हाई सिक्योरिटी जोन में बदला मंदिर क्षेत्र
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर और हेलीपैड क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन के रूप में चिन्हित करते हुए अनधिकृत प्रवेश पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पार्किंग स्थलों पर वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग, अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए पृथक व्यवस्था और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर कड़ी जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति
श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रभावी बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और आवश्यकता पड़ने पर वन-वे मूवमेंट प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ अधिकारियों को भीड़ के घनत्व पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बल की त्वरित तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
शोभायात्रा मार्ग पर कड़ी निगरानी
जुलूस मार्ग की सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। मैदागिन से सीरगोवर्धन तक के मार्ग पर संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, छतों और ऊंची इमारतों की पूर्व जांच तथा डीजे और वाहनों की ऊंचाई व गति पर नियंत्रण के आदेश दिए गए।
सीसीटीवी और ड्रोन से 24 घंटे निगरानी
तकनीकी निगरानी को मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह क्रियाशील रखने और ड्रोन के जरिए एरियल सर्विलांस कराने के निर्देश दिए गए। कंट्रोल रूम से सभी इनपुट पर लगातार निगरानी रखते हुए किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
यातायात डायवर्जन से राहत की तैयारी
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विस्तृत डायवर्जन प्लान लागू करने, भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट जानकारी देने के निर्देश दिए गए। पैदल मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था और संकेतक बोर्ड लगाने पर भी जोर दिया गया।
आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैयार
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम, एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, अग्निशमन वाहन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर
असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के साथ सोशल मीडिया की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर खुफिया सूचनाओं को मजबूत किया जा रहा है।
छतों से भी होगी सुरक्षा निगरानी
सुरक्षा के लिहाज से रूफटॉप ड्यूटी को भी अहम माना गया है। जुलूस मार्ग, मंदिर परिसर, हेलीपैड और प्रमुख भवनों की छतों पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतत निगरानी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
वायरलेस और कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय
संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी ड्यूटी प्वाइंट्स पर वायरलेस सेट की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कंट्रोल रूम और फील्ड यूनिट्स के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और वैकल्पिक संचार व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश, कोई लापरवाही नहीं
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव वंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा, सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर गौरव कुमार, प्रभारी निरीक्षक लंका और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तय समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए।


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