ऑपरेशन सिंदूर जारी, सेना 24x7 तैयार रहे – सीडीएस अनिल चौहान का पाकिस्तान को कड़ा संदेश
CDS जनरल अनिल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है और सेना को हर हाल में तैयार रहना चाहिए। जानिए कैसे भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया और 100+ आतंकियों को मार गिराया।
भारत की सैन्य रणनीति अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त और संतुलित प्रतिक्रिया का रूप ले चुकी है। हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी खत्म नहीं हुआ है, और सेनाओं को हर समय हाई अलर्ट पर रहने की आवश्यकता है।
'शस्त्र के साथ शास्त्र भी ज़रूरी' – आधुनिक युद्ध की व्याख्या
सीडीएस चौहान ने शुक्रवार को कहा कि आज का युद्ध केवल गोला-बारूद या टैंक-तोप से नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता और रणनीतिक जानकारी से भी लड़ा जाता है।
उन्होंने बताया कि युद्ध अब किनेटिक (शारीरिक) और नॉन-किनेटिक (जानकारी आधारित) दोनों स्तरों पर लड़ा जाता है, जिसमें पारंपरिक और तकनीकी हथियारों का संयोजन शामिल है। यह पहली, दूसरी और तीसरी पीढ़ी की युद्ध तकनीकों का समन्वय है।
ऑपरेशन सिंदूर: 7 मई से अब तक की सबसे तीव्र कार्रवाई
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की। सरकार ने संसद में जानकारी दी कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और सीमावर्ती इलाकों में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने और आतंकियों को समाप्त करने के लिए चलाया गया।
राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री किर्ती वर्धन सिंह ने बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से 'फोकस्ड, मापा हुआ और बिना उकसावे वाला था।
100+ आतंकी ढेर, 9 ठिकाने तबाह
भारत की सेना ने इस ऑपरेशन के तहत:
- जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज़बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के 9 प्रमुख ठिकानों को तबाह किया।
- 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया।
- पाकिस्तानी एयरबेस और सैन्य ठिकानों को टारगेट किया, विशेष रूप से तब, जब पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की।
चार दिन बाद युद्धविराम, पाकिस्तान ने मांगा संवाद
लगातार चार दिनों तक चले इस ऑपरेशन के बाद, 10 मई को पाकिस्तान की तरफ से युद्धविराम का प्रस्ताव आया। पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक ने भारत से संपर्क कर संघर्ष विराम की मांग की, जिस पर भारत ने रणनीतिक दृष्टिकोण से सहमति दी।
भारत का रुख साफ: हम चुप नहीं बैठेंगे
जब सरकार से पूछा गया कि क्या यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय दबाव में की गई, तो विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह भारत की स्वतःस्फूर्त, आत्मरक्षित और निर्णायक प्रतिक्रिया थी। भारत ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से भारतीय नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सेना ने हर हमले को नाकाम किया।


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