पटना की बिजली व्यवस्था को बड़ी राहत, GIS ग्रिड सब-स्टेशन में 80 MVA का नया ट्रांसफॉर्मर हुआ ऊर्जान्वित

पटना में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए GIS ग्रिड सब-स्टेशन में 80 MVA क्षमता का दूसरा ट्रांसफॉर्मर सफलतापूर्वक ऊर्जान्वित, ओवरलोड और कटौती से मिलेगी राहत।

पटना की बिजली व्यवस्था को बड़ी राहत, GIS ग्रिड सब-स्टेशन में 80 MVA का नया ट्रांसफॉर्मर हुआ ऊर्जान्वित

पटना में लगातार बढ़ रही बिजली की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। बोर्ड कॉलोनी स्थित GIS ग्रिड सब-स्टेशन में 80 एमवीए क्षमता वाले दूसरे ट्रांसफॉर्मर को सफलतापूर्वक लोड पर ले लिया गया है। इस प्रक्रिया को सभी निर्धारित तकनीकी मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पूरा किया गया, जिससे शहर की बिजली आपूर्ति प्रणाली को मजबूती मिली है।

प्रबंधन के निर्देश पर समयबद्ध कार्य पूरा
बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार (भा.प्र.से) ने पूर्व निरीक्षण के दौरान इस ट्रांसफॉर्मर को शीघ्र ऊर्जान्वित करने का निर्देश दिया था। उनके निर्देश के अनुरूप इंजीनियरों और तकनीकी टीम ने समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा किया, जो कंपनी की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्थानीय इलाकों को मिलेगी अधिक स्थिर बिजली
नए ट्रांसफॉर्मर के चालू होने से बोर्ड कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की क्षमता और स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध और बेहतर गुणवत्ता की बिजली मिलेगी, बल्कि भविष्य में बढ़ती मांग को भी आसानी से संभाला जा सकेगा।

ओवरलोड से राहत, व्यवधान होंगे कम
80 एमवीए क्षमता वाला यह ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड की समस्या को काफी हद तक कम करेगा। इसके चलते बार-बार होने वाले ट्रिपिंग और बिजली कटौती की घटनाओं में कमी आएगी, जिससे आम उपभोक्ताओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों दोनों को राहत मिलेगी।

बिजली अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कदम
यह परियोजना बिहार में विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली सेवा के रूप में मिलेगा, जो राज्य के विकास और शहरी विस्तार के लिए भी जरूरी है।