सावन 2025 में प्रदोष व्रत की महिमा और तिथि: जानें पूजा विधि, महत्व और शुभ फल
सावन 2025 के प्रदोष व्रत कब और कैसे मनाएं? जानें सावन मास में आने वाले भौम प्रदोष और बुध प्रदोष की तारीख, पूजा विधि, महत्व और शुभ फल। Pradosh Vrat in Sawan 2025 का संपूर्ण विवरण।
सनातन परंपरा में प्रदोष व्रत को विशेष पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से प्रदोष व्रत करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
यह व्रत प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए। विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष रूप से कल्याणकारी माना जाता है — यदि वे देवी पार्वती को कुछ विशेष अर्पण करें तो उनका दांपत्य जीवन सुखमय और प्रेमपूर्ण बना रहता है।
सावन में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व
सावन मास, जो भगवान शिव को अति प्रिय है, में प्रदोष व्रत का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि सावन में किए गए व्रत-उपवास और शिव-पार्वती की पूजा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
सावन 2025 में प्रदोष व्रत की तिथियां
- भौम प्रदोष व्रत: मंगलवार, 22 जुलाई 2025
- तिथि आरंभ: 22 जुलाई सुबह 7:05 बजे से
यह व्रत सावन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को पड़ रहा है। मंगलवार को प्रदोष व्रत भौम प्रदोष कहलाता है, जिसे करने से मंगल ग्रह के दोष शांत होते हैं।
बुध प्रदोष व्रत: बुधवार, 6 अगस्त 2025
- द्वादशी समाप्ति: दोपहर 2:08 बजे तक, फिर त्रयोदशी आरंभ।
- नक्षत्र: मूल (दोपहर 1:00 बजे तक), फिर पूर्वाषाढ़ा।
- योग: वैधृति (सुबह 7:18 बजे तक), फिर विष्कुंभ।
बुधवार का प्रदोष बुध प्रदोष कहलाता है, जिससे बुद्धि, वाणी और व्यापार में उन्नति होती है।
प्रदोष व्रत की पूजा विधि और नियम
- व्रत के दिन शिव-पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करें।
- पूजा के बाद भोग अर्पण करें और फिर व्रत का पारण करें।
- इस दिन सफेद और मीठा भोजन करना अधिक शुभ माना गया है।
- नमक का सेवन इस दिन वर्जित है।
- परिवार की सुख-समृद्धि और उत्तम संतान की प्राप्ति के लिए इस दिन ध्यान और मंत्र जाप करें।
प्रदोष व्रत से मिलने वाले शुभ फल
- सभी मनोकामनाओं की पूर्ति
- दांपत्य जीवन में प्रेम और स्थिरता
- परिवार में सुख-शांति और समृद्धि
- संतान सुख और मंगल दोष शांति
भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते श्रद्धालु सावन प्रदोष व्रत के दिन। थाली में दीपक, मिठाई और फूलों से सजी पूजा।


आँखें न्यूज़ 24 




