शिकोहपुर जमीन घोटाला: रॉबर्ट वाड्रा पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, ईडी ने दायर की चार्जशीट
हरियाणा शिकोहपुर जमीन सौदे में रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ीं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट दाखिल की। स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की डील और प्रियंका गांधी की जमीन खरीद पर भी सवाल। पूरी खबर पढ़ें।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और बिज़नेसमैन रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के शिकोहपुर लैंड डील मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनके खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में वाड्रा के अलावा कई अन्य लोगों और कंपनियों के नाम भी शामिल हैं।
यह मामला सितंबर 2018 का है, जब वाड्रा, हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रियल एस्टेट दिग्गज DLF और एक प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। आरोपों में करप्शन, धोखाधड़ी और जालसाजी शामिल हैं।
स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी डील: जमीन के रेट में ‘जादुई’ उछाल
चार्जशीट के मुताबिक, वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 3.53 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ में खरीदी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने उस जमीन के कॉमर्शियल कॉलोनी लाइसेंस दे दिया जिससे कीमत बढ़ गई और वाड्रा की कंपनी ने वही ज़मीन DLF को 58 करोड़ में बेच दी।
आरोप है कि हुड्डा सरकार ने लाइसेंस ट्रांसफर में नियमों का उल्लंघन किया। ईडी का दावा है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग और सत्ता के दुरुपयोग का मामला है।
अमीरपुर में भी खरीदी-बिक्री: प्रियंका गांधी का नाम
चार्जशीट में हरियाणा के फरीदाबाद के अमीरपुर गांव में हुई डील का भी ज़िक्र है। ईडी के मुताबिक, वाड्रा ने 2005-06 में एजेंट एचएल पाहवा से 40.08 एकड़ जमीन खरीदी और 2010 में उन्हें वापस बेच दी। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अप्रैल 2006 में 5 एकड़ कृषि भूमि एचएल पाहवा से खरीदी और फरवरी 2010 में उन्हें ही लौटा दी।
ईडी का कहना है कि इन सौदों में यूएई के व्यवसायी सीसी थंपी और ब्रिटेन के हथियार डीलर संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा की भूमिका भी रही है।
अशोक खेमका की रिपोर्ट से खुला मामला
इस पूरे प्रकरण का खुलासा चर्चित आईएएस अफसर अशोक खेमका की रिपोर्ट से हुआ। ईडी ने इस मामले में वाड्रा से 18 घंटे से ज्यादा पूछताछ की और अन्य कांग्रेस नेताओं से भी बयान लिए।


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