SBI को लगा बड़ा झटका: 11 साल पुराने ATM Fraud केस में ग्राहक को मिलेगा ₹58,000 का मुआवज़ा

11 साल पुराने SBI ATM Fraud केस में दिल्ली स्टेट कंज्यूमर कमीशन ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया। SBI को 58,000 रुपये मुआवज़ा देने का आदेश। पढ़ें पूरी कहानी।

SBI को लगा बड़ा झटका: 11 साल पुराने ATM Fraud केस में ग्राहक को मिलेगा ₹58,000 का मुआवज़ा
प्रतीकात्मक तस्वीर

4 जनवरी 2014 की बात है। दिल्ली के रहने वाले श्री पंवार गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर थे। उन्होंने SBI ATM से ₹1,000 निकालने की कोशिश की, जो फेल हो गई। इसके बाद उन्होंने पास के Indian Overseas Bank ATM से ₹1,000 निकाले और दिल्ली के लिए ट्रेन में बैठ गए।

लेकिन ट्रेन में ही SMS आने लगे कि उनके SBI डेबिट कार्ड से ₹1,000, ₹20,000 और फिर ₹1,000 Unauthorized Withdrawal हो गया। ये तीनों ट्रांजेक्शन गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के अलग-अलग ATMs (ATM 414, 8024 और 40040) से किए गए थे।

बैंक ने शिकायत पर कैसे किया व्यवहार?
दिल्ली लौटकर 6 जनवरी को पंवार ने SBI में शिकायत दर्ज कराई। बैंक ने ₹1,000 तो वापस कर दिया, लेकिन ₹20,000 को लेकर टालमटोल शुरू कर दी।

पंवार ने कई बार शाखा और ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत की, यहां तक कि CCTV फुटेज तक मांगी, लेकिन बैंक ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। 

RBI Ombudsman तक गए, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। आख़िरकार, पंवार ने 2014 में दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम का दरवाज़ा खटखटाया।

SBI ने अपील की, लेकिन…
SBI ने स्टेट कंज्यूमर कमीशन में अपील की और कहा कि पंवार ट्रेन में थे, यह साबित नहीं कर पाए। कमीशन ने इस दलील को खारिज कर दिया। कमीशन ने कहा कि बैंक ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और खुद की लापरवाही छुपाने की कोशिश की।

7 मई 2025 का अंतिम आदेश:
- डिस्ट्रिक्ट फोरम का फैसला सही ठहराया।
- SBI की अपील खारिज।
- पंवार को ₹58,000 का भुगतान करने का आदेश।

इस फैसले का मतलब
यह मामला ग्राहकों के अधिकारों और बैंकों की जिम्मेदारी को उजागर करता है। RBI के नियमों के मुताबिक, यदि ग्राहक 3 कार्यदिवस के भीतर Unauthorized Transaction की सूचना देता है तो उसकी कोई Liability नहीं बनती।