SCO शिखर सम्मेलन 2025: मोदी-शी की मुलाकात से रिश्तों में नई सकारात्मक दिशा
चीन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, सीमा शांति और आतंकवाद पर चर्चा की। जानें पूरी डिटेल्स।
चीन में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 में दुनिया भर के बड़े नेता एकजुट हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच करीब एक घंटे लंबी मुलाकात हुई।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि भारत और चीन को डेवलपमेंट पार्टनर्स (Development Partners) के रूप में काम करना चाहिए, न कि प्रतिद्वंद्वी (Rivals) के तौर पर।
द्विपक्षीय संबंधों पर सकारात्मक रुख
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कज़ान में हुई पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन रिश्तों में सकारात्मक प्रगति देखी गई है। मोदी और शी जिनपिंग ने यह भी दोहराया कि मतभेदों को विवादों का रूप नहीं लेना चाहिए। दोनों नेताओं ने यह माना कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है।
व्यापार और निवेश पर जोर
मोदी और शी ने व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने और भारत-चीन व्यापार घाटा (Trade Deficit) कम करने की आवश्यकता पर बल दिया। सीधी उड़ानों (Direct Flights) और वीजा सुविधाओं को आसान बनाने पर सहमति जताई। आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
दोनों देशों ने माना कि उनकी अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक व्यापार को स्थिर (Global Trade Stability) रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन अपने रिश्तों को किसी तीसरे देश की दृष्टि से नहीं देखते बल्कि अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) पर जोर देते हैं।
आतंकवाद और वैश्विक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण
वार्ता के दौरान मोदी और शी ने आतंकवाद (Terrorism) जैसी वैश्विक चुनौतियों पर साझा आधार (Common Ground) विकसित करने पर बल दिया। साथ ही, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए निमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026 India) में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
काई ची से भी हुई मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य काई ची (Cai Qi) से भी मुलाकात की। इस दौरान मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के लिए अपनी दृष्टि साझा की और अधिक सहयोग की उम्मीद जताई। काई ची ने भरोसा दिलाया कि भारत-चीन रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए उनकी ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।


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