रतन टाटा के भरोसेमंद शांतनु नायडू को मिला Social Impact Leader का खिताब, मां के साथ तस्वीर हुई वायरल

रतन टाटा के करीबी और टाटा मोटर्स के जीएम शांतनु नायडू को विकसित भारत 2047 समिट में ‘Social Impact Leader of the Year’ अवॉर्ड मिला। उन्होंने मां के साथ मंच पर ये खास पल साझा कर सबका दिल जीत लिया।

रतन टाटा के भरोसेमंद शांतनु नायडू को मिला Social Impact Leader का खिताब, मां के साथ तस्वीर हुई वायरल
shantanu naidu

टाटा मोटर्स के जनरल मैनेजर और रतन टाटा के बेहद करीबी सहयोगी शांतनु नायडू ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सादगी और समाज सेवा की राह पर चलकर भी ऊँचाइयाँ हासिल की जा सकती हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत 2047 गूगल फॉर एजुकेशन समिट 2025’ में उन्हें Social Impact Leader of the Year के सम्मान से नवाज़ा गया।

इस खास मौके पर शांतनु ने अपनी मां को साथ ले जाकर सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल @socktalks.tv पर दिल छू लेने वाली पोस्ट शेयर की और लिखा, छोटा-सा अवॉर्ड, मम्मी को साथ ले गया, कई प्रेरणादायक लोगों से मुलाकात हुई।

यह पोस्ट 8 जुलाई 2025 को शेयर की गई और अब तक 20,000 से ज़्यादा लाइक्स और सैकड़ों कमेंट्स बटोर चुकी है।

रतन टाटा के बाद टाटा समूह से जुड़ी पांचवीं पीढ़ी
शांतनु नायडू को टाटा परिवार से जुड़ी पांचवीं पीढ़ी का प्रतिनिधि माना जाता है। रतन टाटा के साथ उनके गहरे रिश्तों और कई सामाजिक पहलों में सक्रिय भागीदारी के लिए वे पहले ही चर्चा में रह चुके हैं। समिट में वे अमन गुप्ता, सुनील शेट्टी और राज शमानी जैसी हस्तियों के साथ मंच साझा करते नजर आए।

इस मौके पर उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि भारत में स्कूल स्तर पर एंटरप्रेन्योरशिप के लिए इतना जोश देखने को मिलेगा। यहां मौजूद लोग वाकई प्रेरणादायक हैं।

फैंस हुए भावुक, मां के साथ फोटो पर प्यार लुटाया
शांतनु की पोस्ट पर उनके फॉलोअर्स ने भी जमकर प्यार बरसाया। एक यूज़र ने लिखा, दिल से बधाई हो सर, आपका समर्पण और बेहतर भारत का विज़न प्रेरणादायक है।

एक अन्य यूज़र ने कमेंट किया, आपने ये सम्मान पूरी तरह से डिज़र्व किया। आपकी मां के साथ ये पल और भी खास हो गया। वह बेहद प्यारी हैं।  तीसरे ने लिखा, भारत को आप जैसे विज़नरी लोगों की ज़रूरत है। आपको ढेरों शुभकामनाएं।

लोगों ने इस बात की भी तारीफ की कि इतने बड़े मुकाम पर पहुंचकर भी शांतनु ने जमीन से जुड़ाव और विनम्रता नहीं छोड़ी।

जज्बा और नीयत से मिलती है कामयाबी
शांतनु नायडू की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि अगर जज्बा और सच्ची नीयत हो तो समाज में बदलाव संभव है। वे युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल हैं कि कामयाबी के शिखर पर भी इंसानियत सबसे बड़ा गुण है।