उज्जैन में हिंसा: हमले के बाद सड़कों पर बवाल, बसें जलीं, बाजार बंद

उज्जैन जिले के तराना कस्बे में सोहेल ठाकुर पर हुए हमले के बाद हालात बेकाबू हो गए। पथराव, आगजनी, बसों में आग और बाजार बंद होने से क्षेत्र में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात।

उज्जैन में हिंसा: हमले के बाद सड़कों पर बवाल, बसें जलीं, बाजार बंद

उज्जैन जिले के तराना कस्बे में हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। गुरुवार शाम विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी सोहेल ठाकुर पर हुए जानलेवा हमले के बाद शुरू हुआ तनाव शुक्रवार को हिंसा में बदल गया। दूसरे दिन दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए, जिसके बाद कस्बे में अफरा-तफरी मच गई।

तराना में शुक्रवार को हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब अलग-अलग इलाकों में पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि घरों पर पत्थर फेंके जाने से खिड़कियों के शीशे टूट गए। हालात को देखते हुए पुलिस ने पूरे तराना बाजार को बंद करा दिया और दुकानदार शटर गिराकर अपने घरों में दुबक गए।

कैसे शुरू हुआ विवाद
घटना की जड़ 22 जनवरी की शाम बताई जा रही है, जब सोहेल ठाकुर अपनी निजी कार से कहीं जा रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि सोहेल ठाकुर पर हमला कर दिया गया। मारपीट में उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं और पुलिस ने उन्हें तत्काल उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

थाने पर जुटा आक्रोश
अपने पदाधिकारी पर हमले की खबर फैलते ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में तराना थाने पहुंच गए। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी हुई और गुस्से में कुछ वाहनों को नुकसान भी पहुंचाया गया। हालांकि उस समय पुलिस ने स्थिति संभाल ली थी, लेकिन नाराजगी कम नहीं हुई और शुक्रवार को तराना बंद का आह्वान कर दिया गया।

कार्रवाई की मांग पर अड़े संगठन
शुक्रवार सुबह विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता फिर से थाने के बाहर जमा हुए। वे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जुलूस और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन दोपहर तक माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो सका।

दोपहर में भड़की हिंसा
इसी दौरान बस स्टैंड के पास से जुमे की नमाज पढ़कर लौट रहे 50 से 60 लोगों की भीड़ ने अचानक पथराव और आगजनी शुरू कर दी। कुछ लोगों के हाथों में धारदार हथियार होने की भी सूचना है। देखते ही देखते कई बसें जल गईं और आसपास के घरों को नुकसान पहुंचा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
हिंसा की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीओपी भविष्य भास्कर, एसडीएम बृजेश सक्सेना और थाना प्रभारी रामनारायण भदोरिया मौके पर डटे रहे। हालात ज्यादा बिगड़ने पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा स्वयं तराना पहुंचे और शांति बनाए रखने की अपील की। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का काम संभाला।

गिरफ्तारी के बाद भी तनाव कायम
पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात ही जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर लिया गया था। इस केस में सप्पन मिर्जा, ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद को नामजद किया गया, जिनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर अभी भी तनाव बना हुआ है।