वाराणसी में बुलडोजर कार्रवाई: 50 दुकानें-मकान जमींदोज, मुआवजे पर प्रशासन-दुकानदार आमने-सामने
वाराणसी में फोर लेन परियोजना के तहत 50 दुकानें-मकान ढहाए गए। प्रशासन ने मुआवजा देने का दावा किया, लेकिन दुकानदारों ने आरोप लगाए।
वाराणसी के कचहरी चौराहे से पुलिस लाइन चौराहे के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए करीब 50 दुकानें और मकान जमींदोज कर दिए। यह कार्रवाई कचहरी चौराहे से संदहा चौराहे तक बन रही 14 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क परियोजना के तहत की गई।
प्रशासन का दावा — नोटिस और मुआवजा पहले ही दिया गया
वाराणसी के एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने बताया कि प्रभावित सभी लोगों को पहले ही मुआवजा राशि दी जा चुकी है और एक हफ्ते पहले नोटिस भी जारी कर दिया गया था। उनका कहना है कि यह कार्रवाई सभी की सहमति से हुई और किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई।
दुकानदारों का आरोप — न मुआवजा मिला, न समय
हालांकि, स्थानीय दुकानदार प्रशासन के इस दावे से सहमत नहीं हैं। हरिमोहन उपाध्याय, जिनकी दुकान इस कार्रवाई में ढहा दी गई, ने आरोप लगाया कि सोमवार को कागजात लाने को कहा गया था, लेकिन प्रशासन ने रविवार को ही बुलडोजर चला दिया। इसी तरह इश्तियाक नाम के दुकानदार ने कहा कि प्रशासन ने सामान निकालने का मौका तक नहीं दिया, मुआवजे की तो बात ही दूर है।
अशरफ ने बताया — प्रशासन ने केवल निर्माण के लिए 9 लाख रुपये दिए हैं। जमीन का कोई मुआवजा नहीं मिला। हमारे ऊपर 10 लाख रुपये का बैंक लोन है। तीन परिवार इसी दुकान पर निर्भर थे। अब 9 लाख में हम कहां जाएं? या तो सड़क पर सामान बेचें या आत्महत्या कर लें।
14 किमी चौड़ीकरण में 400 मीटर का सबसे बड़ा असर
प्रशासन के अनुसार, कचहरी चौराहे से पुलिस लाइन चौराहे के बीच करीब 400 मीटर के क्षेत्र में सबसे ज्यादा दुकानें और मकान आ रहे थे, जिन पर यह कार्रवाई हुई।


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