आईएएस प्रशिक्षु पूजा खेडकर को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, SC ने कहा- क्या उसने हत्या की?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय को खेडकर को जमानत दे देनी चाहिए थी। शीर्ष अदालत ने इस मामले को तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर जमानत के लिए उपयुक्त बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा में धोखाधड़ी और आरक्षण का गलत लाभ उठाने के आरोपों का सामना कर रहीं आईएएस प्रशिक्षु पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत प्रदान की। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने खेडकर को जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया।
दिल्ली पुलिस का विरोध और अदालत की प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस के वकील ने खेडकर की जमानत का विरोध करते हुए आरोपों को गंभीर बताया और उनके असहयोग की बात कही। इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खेडकर ने कोई संगीन अपराध जैसे हत्या या एनडीपीएस मामले में शामिल नहीं किया है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों के लिए प्रभावी जांच प्रणाली होनी चाहिए।
जमानत पर उच्च न्यायालय के रुख की आलोचना
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय को खेडकर को जमानत दे देनी चाहिए थी। शीर्ष अदालत ने इस मामले को तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर जमानत के लिए उपयुक्त बताया।
आगे की जांच में सख्ती का संकेत
सुप्रीम कोर्ट ने खेडकर को 2 मई को दिल्ली पुलिस के सामने पेश होने का आदेश दिया था और जांच में सहयोग न करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
क्या है आरोप?
खेडकर पर सिविल सेवा परीक्षा में ओबीसी और दिव्यांगता श्रेणी के तहत आरक्षण का गलत लाभ उठाने और धोखाधड़ी का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच पर जोर दिया है।


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