बिहार ग्रिड कंपनी ने रचा नया इतिहास, पहली बार इंटरिम डिविडेंड की घोषणा

Bihar Grid Company Limited ने FY 2025–26 के लिए पहली बार Interim Dividend घोषित किया। ₹29.77 करोड़ का मुनाफा, ₹33.74 करोड़ का लाभांश।

बिहार ग्रिड कंपनी ने रचा नया इतिहास, पहली बार इंटरिम डिविडेंड की घोषणा

बिहार की बिजली ट्रांसमिशन व्यवस्था को मजबूती देने वाली बिहार ग्रिड कंपनी लिमिटेड (BGCL) ने अपने कॉरपोरेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए कंपनी ने पहली बार अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) घोषित कर yatırımकों और सरकारी हिस्सेदारों को बड़ी सौगात दी है। 4 दिसंबर को हुई निदेशक मंडल की बैठक में इस फैसले को औपचारिक मंजूरी दी गई, जिसे बीजीसीएल की वित्तीय मजबूती का ठोस संकेत माना जा रहा है।

राहुल कुमार को मिली लाभांश प्रक्रिया की जिम्मेदारी
इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद, कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार, जो नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के भी एमडी हैं, को लाभांश वितरण से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने का अधिकार सौंपा गया है। उनके साथ निदेशक (परियोजनाएं) भी इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे साफ है कि कंपनी इस अहम निर्णय को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मजबूत मुनाफे ने खोला लाभांश का रास्ता
30 सितंबर 2025 को समाप्त अर्धवार्षिक अवधि में बीजीसीएल ने ₹29.77 करोड़ का कर पश्चात लाभ दर्ज किया है, जो किसी भी सरकारी संयुक्त उपक्रम के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन माना जाता है। ₹270.64 करोड़ की चुकता पूंजी के मुकाबले यह मुनाफा बताता है कि कंपनी का परिचालन और प्रबंधन दोनों ही मजबूत दिशा में बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि निदेशक मंडल ने प्रति ₹10 अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयर पर ₹0.50 यानी 5% अंतरिम लाभांश को मंजूरी दी। कुल मिलाकर ₹33.74 करोड़ की राशि शेयरधारकों में बांटी जाएगी।

बिहार और केंद्र की साझेदारी को मिला आर्थिक बल
गौरतलब है कि बिहार ग्रिड कंपनी लिमिटेड की स्थापना राज्य में बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाओं के विकास और संचालन के उद्देश्य से की गई थी। यह कंपनी बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) का संयुक्त उपक्रम है। इसी वजह से घोषित लाभांश का वितरण भी दोनों कंपनियों के बीच 50:50 के अनुपात में किया जाएगा। यह कदम न सिर्फ वित्तीय विश्वास को मजबूत करता है, बल्कि आने वाले समय में नई ट्रांसमिशन परियोजनाओं के लिए निवेश को भी गति देगा।