बिहार चुनाव 2025: सीट बंटवारे को लेकर तेज़ हुई राजनीति, JMM ने RJD से मांगी 12 सीटें
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर RJD नीत महागठबंधन में सीटों का मोलभाव तेज़ हो गया है। अब झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने RJD से 12 सीटें मांगी हैं, जिससे गठबंधन की रणनीति प्रभावित हो सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक हैं और विपक्षी दलों के महागठबंधन में बैठकों और बयानों का दौर तेज़ हो गया है। अब इस गठबंधन में हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी दखल दे दिया है। JMM ने RJD से 12 सीटों की मांग की है, जिससे महागठबंधन की रणनीति में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
झारखंड का हवाला देकर बनाई दबाव की रणनीति
झारखंड में JMM-कांग्रेस-राजद गठबंधन की सरकार है। 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में JMM ने राजद को 6 सीटें दी थीं, जिनमें से RJD ने 4 सीटें जीती थीं और एक मंत्री पद भी मिला था।
अब JMM बिहार में भी उसी सहयोग की उम्मीद कर रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, अब वक्त है RJD के एहसान चुकाने का। हमें उम्मीद है कि बिहार में भी JMM को महागठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी दी जाएगी।
2020 में अकेले लड़ी थी 5 सीटें, नहीं मिली थी जीत
पिछले चुनाव में JMM ने बिहार में पीरपैंती, कटोरिया, झाझा, चकई और मनिहारी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली थी, लेकिन चकई में उसे सर्वाधिक 8.96% वोट मिले थे।
अब पार्टी ने इन्हीं इलाकों में पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई है और RJD को 12 “मजबूत सीटों” की लिस्ट सौंप दी है, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
- तारापुर
- बेलहर
- कटोरिया
- चकई
- झाझा
- पीरपैंती आदि
क्या कहता है राजनीतिक समीकरण?
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं और अगर JMM को 12 सीटें मिलती हैं, तो यह गठबंधन में उसकी मजबूत उपस्थिति दर्शाएगा। हालांकि अभी तक RJD और JMM के बीच कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है।
JMM की एंट्री से RJD की अगुवाई वाले महागठबंधन की सीट साझेदारी और समीकरण बदल सकते हैं।


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