तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, वोट चोरी लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपराध है'
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपराध है। तेजस्वी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा – This is New Election Commission? नया क्या है भाई?
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर एक भी मतदाता का अधिकार छीना जाता है तो यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपराध है।
तेजस्वी ने कहा – मतदाता मालिक है। उसी मालिक ने नरेंद्र मोदी को तीन बार प्रधानमंत्री बनाया और नीतीश कुमार को 20 साल से मुख्यमंत्री बनाए रखा। तो क्या अब तक सब फर्जी वोटर्स ने ही उन्हें जिताया?
मतदाता सूची से नाम कटना सबसे बड़ा अपराध
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में असली वोटर्स के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के कई जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।
उन्होंने कहा – अगर मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से कट जाता है तो इससे बड़ा अपराध कुछ नहीं है। जो लोग जीवित हैं उन्हें मृत घोषित करना लोकतंत्र का मजाक है। उनके अधिकारों के लिए आवाज कौन उठाएगा?
BJP पर लगाया लोकतंत्र खत्म करने का आरोप
तेजस्वी ने बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल सत्ता पाने और खोने का मुद्दा नहीं है, बल्कि ये लोग संविधान और लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी – आज वोटर लिस्ट से नाम काटा जा रहा है, कल राशन कार्ड से नाम काटेंगे और फिर पेंशन से भी हटा देंगे।
SIR पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पत्नी का नाम दिल्ली से काटा गया और आधार से जोड़ा गया। अब चुनाव आयोग कह रहा है कि आधार को मान्य नहीं करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया – जब कुछ दिन पहले आधार से लिंक करवा रहे थे तो अब अचानक क्यों कह रहे हैं कि आधार नहीं चलेगा?
'This is New Election Commission': तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने बताया कि आरजेडी ने चुनाव आयोग से चार प्रमुख शिकायतें की थीं, लेकिन आयोग का रवैया नकारात्मक और अलोकतांत्रिक रहा। उन्होंने कहा – टाइमिंग को लेकर सवाल था। 11 दस्तावेज़ मांगे गए जो गरीबों के पास नहीं थे। बिहार से बाहर काम करने वाले वोटर्स का फिजिकल वेरिफिकेशन कैसे होगा? नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का काम नहीं है।
तेजस्वी ने कहा – इतना बड़ा निर्णय लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए था। आयोग कहता है – ‘This is New Election Commission’। लेकिन नया क्या है भाई?


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