बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव का सीधा वार: 'जनता अब जुमले नहीं, नतीजे चाहती है'
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता अब जुमले नहीं, नतीजे चाहती है। उन्होंने NDA सरकार पर खोखले वादों और नाकाम नीतियों का आरोप लगाया।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब जुमलेबाजी नहीं, ठोस परिणाम चाहती है।
तेजस्वी ने अपने संदेश में यह दावा किया कि पहले चरण में हुआ रिकॉर्ड वोटिंग (Record Voting) जनता के बदलते मूड का साफ संकेत है—लोग अब विकास बनाम वादों की लड़ाई में वास्तविक काम करने वाली सरकार चाहते हैं।
'जनता अब खोखले वादों से तंग आ चुकी है'
दूसरे चरण के मतदान के दिन तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लंबा पोस्ट लिखते हुए कहा कि राजग (NDA) सरकार ने अब तक बिहार को सिर्फ आश्वासन, नारे और झूठे वादे दिए हैं।
उन्होंने लिखा, जनता अब इन्हें एक पल के लिए भी बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। विपक्ष की हर साजिश को जनता ने नाकाम किया है। तेजस्वी ने मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिहार ने इस बार पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई वाली सरकार को चुना है।
'बिहार के बाहर वाले नहीं समझ सकते हमारा दर्द'
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि आपका और मेरा सपना एक है, हमारा दर्द एक है, हमारा लक्ष्य एक है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की असली समस्या को बिहार के बाहर वाला नहीं समझ सकता। बीते 20 सालों में न तो राज्य में रोजगार बढ़ा, न अपराध घटा, न शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ। उन्होंने कहा, सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन किसानों को बाढ़ से, व्यापारियों को घाटे से और जनता को महंगाई से मुक्ति नहीं मिली।
'हमारी नीतियाँ लोकहित और जनसेवा पर आधारित हैं'
तेजस्वी ने यह भी बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने हर वर्ग, हर जाति और हर समुदाय को ध्यान में रखते हुए विकास की नई नीति तैयार की है।
उन्होंने याद दिलाया कि अपने 17 महीने के छोटे कार्यकाल में उन्होंने यह साबित किया कि उनकी हर योजना लोकहित की नीति थी, लोकनीति नहीं राजनीति। उन्होंने कहा कि अब बिहार बदलाव के लिए तैयार है।
'असली आज़ादी बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार से मुक्ति है'
तेजस्वी यादव ने अपने संदेश के अंत में कहा कि असली आज़ादी का मतलब है— बेरोज़गारी, घूसखोरी, रिश्वतखोरी, महंगाई, भ्रष्टाचार, अन्याय और शोषण से मुक्ति।”
उन्होंने कहा कि उनकी सोच हर बिहारी को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की है। जब गांव सशक्त होगा, तभी राष्ट्र मजबूत होगा— तेजस्वी ने कहा कि यही उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता है।


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