बिहार राज्यसभा चुनाव में बड़ा खेला: महागठबंधन के 4 विधायक गायब, एनडीए ने मारी बाज़ी
बिहार राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ जब महागठबंधन के चार विधायक मतदान से अनुपस्थित रहे और एनडीए ने 5-0 से जीत दर्ज कर ली। जानिए पूरा राजनीतिक समीकरण, वोटों का गणित और अनंत सिंह का बड़ा बयान।
बिहार के राज्यसभा चुनाव ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। मतदान के दौरान महागठबंधन के चार विधायक अनुपस्थित रहे, जिसका सीधा फायदा एनडीए को मिला और उसने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर ली। पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत थी, लेकिन विपक्षी खेमे के चार विधायकों के वोट नहीं पड़ने से पूरा समीकरण बदल गया और मुकाबला एनडीए के पक्ष में चला गया।
समर्थन जुटाने के बावजूद महागठबंधन की रणनीति फेल
महागठबंधन की ओर से जीत सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कोशिश भी की गई थी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एआईएमआईएम के पांच और बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक का समर्थन हासिल कर लिया था। इसके बावजूद राजद का एक और कांग्रेस के तीन विधायक मतदान के समय सदन में नहीं पहुंचे। यही अनुपस्थिति महागठबंधन के लिए भारी पड़ गई और एनडीए को पांचवीं सीट तक पहुंचने का मौका मिल गया।
इन चार विधायकों की गैरहाजिरी बनी हार की वजह
जो विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए उनमें वाल्मिकीनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास, मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर सिंह और ढाका से राजद विधायक फैजल रहमान शामिल बताए जा रहे हैं। इन चारों के वोट नहीं पड़ने से ही चुनाव का पूरा समीकरण बदल गया और एनडीए ने 5-0 से जीत दर्ज कर ली।
वोटों के आंकड़ों ने साफ किया जीत-हार का अंतर
मतगणना के दौरान भी एनडीए उम्मीदवारों को बढ़त मिलती रही। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रथम वरीयता के 44 वोट मिले। इसी तरह नितिन नवीन को भी 44 वोट प्राप्त हुए, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर को 42-42 वोट मिले। वहीं महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह को केवल 37 वोट ही मिल सके।
श्रवण कुमार बोले—एनडीए की एकजुटता से मिली जीत
जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने चुनाव परिणाम के बाद दावा किया कि एनडीए के सभी 202 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरा था। उनके अनुसार एनडीए की एकजुटता और रणनीति ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई, जबकि विपक्षी खेमे की एकजुटता कमजोर दिखाई दी।
अनंत सिंह का ऐलान—नीतीश नहीं तो चुनाव नहीं
इस चुनाव के बीच मोकामा से विधायक अनंत सिंह का बयान भी चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहते हैं तो वह अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि आगे की राजनीति उनके बच्चे संभालेंगे और वही चुनाव लड़ेंगे।
हत्या मामले में जेल में हैं अनंत सिंह, पैरोल पर डाला वोट
गौरतलब है कि अनंत सिंह पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले दुलार चंद यादव हत्या मामले में गिरफ्तार किए गए थे और अभी तक उन्हें नियमित जमानत नहीं मिली है। हालांकि राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के लिए अदालत से उन्हें पैरोल पर बाहर आने की अनुमति दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने वोट डाला।


आँखें न्यूज़ 24 




