EPIC नंबर विवाद: चुनाव आयोग के नोटिस पर बोले तेजस्वी यादव – इसमें क्या बड़ी बात है?

EPIC नंबर विवाद पर चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को नोटिस भेजा है। तेजस्वी ने कहा कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं, आयोग पहले असली मतदाताओं की लिस्ट से गायब नामों की जांच करे। जानिए पूरा मामला विस्तार से।

EPIC नंबर विवाद: चुनाव आयोग के नोटिस पर बोले तेजस्वी यादव – इसमें क्या बड़ी बात है?
Tejashwi yadav

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव दो मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) मामले को लेकर विवादों में आ गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने तेजस्वी यादव को नोटिस भेजकर EPIC नंबर RAB2916120 से संबंधित दस्तावेज और उसकी मूल प्रति (original copy) उपलब्ध कराने को कहा है।

इस पूरे मामले पर तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, इसमें क्या बड़ी बात है? चुनाव आयोग को हम जवाब देंगे। लेकिन आयोग को उन हजारों मतदाताओं की जानकारी भी देनी चाहिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं। एक ही घर में 50 नाम जोड़ दिए गए हैं। कई जगह भारी विसंगतियां हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राजद इस पूरे मामले को लेकर आयोग को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा और जरूरत पड़ी तो अदालत में भी पक्ष रखा जाएगा।

क्या है EPIC नंबर विवाद?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि उनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना EPIC नंबर RAB2916120 जब चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सर्च किया तो ‘No Record Found’ का मैसेज मिला। इसके बाद उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।

आयोग का जवाब – असली EPIC नंबर RAB0456228 है
चुनाव आयोग ने तेजस्वी के दावे को खारिज करते हुए कहा कि तेजस्वी का नाम मतदान केंद्र संख्या 204, क्रमांक 416 पर दर्ज है और उनका वैध EPIC नंबर RAB0456228 है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में भी तेजस्वी ने इसी EPIC नंबर के आधार पर नामांकन दाखिल किया था।

आयोग के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने जो नंबर दिखाया — RAB2916120 — वह पिछले 10 वर्षों के किसी भी रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है।

EPIC नंबर होता क्या है?
EPIC यानी Elector’s Photo Identity Card नंबर वह यूनिक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जो चुनाव आयोग द्वारा 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रत्येक पंजीकृत मतदाता को जारी किया जाता है। इसमें:
- पहले तीन अक्षर विधानसभा क्षेत्र या राज्य को दर्शाते हैं
- बाकी के संख्यात्मक अंक मतदाता की विशिष्ट पहचान को दर्शाते हैं

तेजस्वी का आरोप – हजारों असली वोटर गायब, जांच की जरूरत
तेजस्वी ने कहा कि EPIC नंबर की जांच होनी चाहिए लेकिन इससे ज्यादा जरूरी ये है कि आयोग यह देखे कि कितने असली मतदाता वोटर लिस्ट से गायब हैं। उन्होंने कहा, हमारी शिकायत है कि एक ही घर के 50-50 नाम जोड़ दिए गए हैं, जबकि असली मतदाता गायब हैं। यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।

राजद इस मुद्दे को लेकर आयोग के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेगा और जरूरत पड़ी तो कानूनी विकल्प भी अपनाएगा।