BSPHCL ने तेज़ रफ्तार ट्रांसमिशन विकास पर दिया जोर, सभी 46 परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा

BSPHCL और BSPTCL ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य की 46 ट्रांसमिशन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। समयसीमा, भूमि अधिग्रहण, गुणवत्ता और समन्वय को लेकर CMD ने कड़े निर्देश दिए।

BSPHCL ने तेज़ रफ्तार ट्रांसमिशन विकास पर दिया जोर, सभी 46 परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा

बिहार में चल रही विद्युत प्रसारण परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह और बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर की सभी प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकार से वित्तपोषित योजनाओं के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।

25 एजेंसियों की 46 परियोजनाओं की एकसाथ समीक्षा
इस व्यापक समीक्षा में विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत की। लक्ष्य था— जमीन अधिग्रहण, निर्माण कार्य, समयसीमा और समन्वय से जुड़े मुद्दों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द हल करना, ताकि राज्य की ट्रांसमिशन क्षमता समय पर मजबूत हो सके।

केंद्र और राज्य वित्तपोषित योजनाओं की प्रगति पर खास ध्यान
बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि ट्रांसमिशन से जुड़ी सभी परियोजनाएँ तय समयसीमा में पूरी की जाएँ। भूमि अधिग्रहण में आ रही अड़चनों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया गया, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो। मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 10 नए ग्रिड स्टेशनों की स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई।

सीएमडी का स्पष्ट निर्देश— देरी बर्दाश्त नहीं
समीक्षा के दौरान CMD मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि हर परियोजना समानांतर रूप से चलनी चाहिए और किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि PMCH ग्रिड स्टेशन तय समय पर पूरा किया जाए, ताकि अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

समयसीमा और गुणवत्ता पर सख्ती
बैठक में एजेंसियों को चेतावनी दी गई कि अगर समयसीमा, गुणवत्ता या कार्य निष्पादन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कंपनी पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी— जिसमें जुर्माना, ब्लैकलिस्टिंग और जिम्मेदार अधिकारियों पर व्यक्तिगत कार्रवाई शामिल होगी।

समन्वय को मजबूत बनाना होगा— CMD
सीएमडी ने कहा कि BSPTCL, ठेकेदार एजेंसियों और सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय ही इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की कुंजी है। उन्होंने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए प्रसारण अवसंरचना को विस्तार देना अब प्राथमिकता है।

रणनीतिक पहलों पर केंद्रित चर्चा
बैठक में भूमि अधिग्रहण की गति, केंद्र-राज्य योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन, तकनीकी मानकों के अनुपालन और कार्यकारी एजेंसियों की जवाबदेही पर खास जोर दिया गया। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 10 ग्रिड स्टेशनों को अत्यंत प्राथमिकता की श्रेणी में रखा गया।

राज्य की विद्युत अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह समीक्षा राज्य में मजबूत, विश्वसनीय और आधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करने की दिशा में BSPHCL और BSPTCL की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के समानांतर क्रियान्वयन से राज्य की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति और अधिक स्थिर व भरोसेमंद होगी।