DGCA की बड़ी राहत: IndiGo को 10 फरवरी 2026 तक FDTL नियमों से अस्थायी छूट, दिल्ली से उड़ानों पर असर
DGCA ने IndiGo को FDTL नियमों से 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी छूट दी। दिल्ली से 5 दिसंबर की सभी घरेलू उड़ानें रात 11:59 बजे तक रद्द। जानिए यात्रियों के लिए क्या सुविधा दी जा रही है।
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को विमानन नियामक डीजीसीए ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन यानी FDTL के कुछ प्रावधानों से 10 फरवरी 2026 तक के लिए अस्थायी एकमुश्त छूट दे दी है। यह छूट खासतौर पर रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच की ड्यूटी और उन परिचालनों से जुड़े मामलों पर लागू होगी, जो क्रू की निरंतरता को बाधित करते हैं। हालांकि डीजीसीए ने साफ किया है कि यह फैसला सिर्फ ऑपरेशन को स्थिर करने के लिए लिया गया है और इससे यात्री सुरक्षा के मानकों में कोई ढील नहीं दी गई है।
दिल्ली से उड़ानों की बड़े पैमाने पर रद्दीकरण
इसी बीच इंडिगो ने यह अहम घोषणा की है कि 5 दिसंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट से प्रस्थान करने वाली उसकी सभी घरेलू उड़ानें रात 11:59 बजे तक रद्द रहेंगी। एयरलाइन ने इस असुविधा के लिए यात्रियों और सभी हितधारकों से औपचारिक रूप से माफी मांगी है। डीजीसीए ने भी सभी पायलट एसोसिएशनों से सहयोग की अपील की है ताकि मौजूदा संकट से जल्द बाहर निकला जा सके।
यात्रियों के लिए रिफंड, होटल और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था
इंडिगो का कहना है कि अप्रत्याशित परिस्थितियों के चलते उसके बड़ी संख्या में यात्री प्रभावित हुए हैं। एयरलाइन यात्रियों को जलपान, पसंद के अनुसार अगली उपलब्ध फ्लाइट में बुकिंग, जरूरत पड़ने पर होटल ठहराव और लगेज दोबारा प्राप्त करने में मदद कर रही है। जहां लागू हो रहा है वहां पूरा रिफंड भी दिया जा रहा है। इंडिगो ने दिल्ली से उड़ान भरने वाले सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपने सामान की प्राप्ति के लिए एयरपोर्ट के ग्राउंड स्टाफ से संपर्क करें।
क्रू प्लानिंग में कमी बनी संकट की बड़ी वजह
डीजीसीए ने बताया है कि यह छूट सिर्फ फ्लाइट ऑपरेशन को दोबारा सामान्य करने के उद्देश्य से दी गई है। इसे सुरक्षा नियमों में किसी तरह की कमजोरी नहीं माना जाएगा। इंडिगो ने स्वीकार किया है कि संशोधित फेज-II FDTL नियमों के चलते क्रू प्लानिंग और रोस्टरिंग में गंभीर कमियां सामने आईं, जिसकी वजह से बड़े स्तर पर परिचालन संकट खड़ा हो गया। डीजीसीए ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को हुई असुविधा की प्राथमिक जिम्मेदारी एयरलाइन ऑपरेटर की ही होती है।
शादी के सीजन से पहले हवाई यात्रा पर बढ़ता दबाव
विमानन नियामक ने यह भी संकेत दिया है कि इंडिगो आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में क्रू की नई भर्ती कर सकती है ताकि परिचालन को स्थिर किया जा सके। डीजीसीए ने पायलटों से सहयोग की दोबारा अपील करते हुए कहा है कि शादी के सीजन और बढ़ती यात्रा मांग के कारण हवाई यात्रा का दबाव और बढ़ने वाला है। इसलिए देरी और रद्दीकरण को कम करना बेहद जरूरी है। पत्र में पायलटों और एयरलाइनों के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन पर भी जोर दिया गया है।
कई एयरलाइनों ने मांगी थी FDTL में राहत
डीजीसीए को इस तरह की छूट के लिए कई एयरलाइनों से आवेदन मिले थे। लगातार चल रहे परिचालन व्यवधानों को देखते हुए यह जरूरी माना गया कि फ्लाइट ऑपरेशन की निरंतरता बनी रहे। इसलिए उस प्रावधान की समीक्षा की गई, जिसमें साप्ताहिक आराम के बदले छुट्टी न देने की व्यवस्था थी। इंडिगो ने अपने पक्ष में तकनीकी खराबी, खराब मौसम और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों को प्रमुख कारण बताया है।
हर 15 दिन में होगी छूट की अनिवार्य समीक्षा
एयरलाइन का कहना है कि 1 नवंबर से लागू FDTL नियमों के कारण पायलटों और क्रू की भारी कमी हो गई है, क्योंकि अब फ्लाइंग आवर्स पर सख्त सीमा तय कर दी गई है और लंबा आराम अनिवार्य बना दिया गया है। डीजीसीए ने दोहराया है कि यह छूट 10 फरवरी 2026 तक ही वैध रहेगी और हर 15 दिन में परिचालन डेटा और अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर इसकी अनिवार्य समीक्षा की जाएगी। नियामक ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और स्थिर फ्लाइंग ऑपरेशन ही है।


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